पीएम-किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के लिए केसीसी लेना हुआ आसान

केसीसी धारक किसानों को महज चार फीसदी ब्याज दर पर कर्ज मुहैया करवाया जाता है. केसीसी के लिए पहले किसानों को पटवारियों, अंचल के अधिकारियों और बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब उनको इसकी जरूरत नहीं होगी.

पीएम-किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के लिए केसीसी लेना हुआ आसान
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभार्थियों के लिए केसीसी कराना हुआ आसान. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: खेती के लिए किसानों को कर्ज लेना आसान बनाने के मकसद से सरकार ज्यादा से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सुविधा मुहैया कराने पर जोर दे रही है. इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के सभी लाभार्थियों को केसीसी मुहैया करवाने के लिए अभियान चलाया है. इसके तहत बैंकों को निर्देश दिया गया है कि किसानों से आवेदन मिलने के 14 दिनों के भीतर उन्हें केसीसी जारी किया जाए.

किसानों को केसीसी की सुविधा देने की योजना देश में 1998 में ही शुरू की गई थी, लेकिन कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक देशभर में सिर्फ 6.67 करोड़ किसानों के पास ही केसीसी है जबकि देश में किसानों की आबादी 14 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है.

केसीसी धारक किसानों को महज चार फीसदी ब्याज दर पर कर्ज मुहैया करवाया जाता है. केसीसी के लिए पहले किसानों को पटवारियों, अंचल के अधिकारियों और बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब उनको इसकी जरूरत नहीं होगी.

दरअसल, सरकार के पास पीएम-किसान के लाभार्थी किसानों का पूरा डाटा पहले से ही उपलब्ध है. इसके अलावा इसके आवेदन की प्रक्रिया भी आसान बना दी गई है.

पीएम-किसान के लाभार्थियों को केसीसी के लिए अब सिर्फ एक पेज का फॉर्म भरना होगा, जिसमें उनको अपनी जमीन व फसल के विवरण के साथ यह बताना होगा कि वे किसी अन्य बैंक से जारी केसीसी का लाभ नहीं ले रहे हैं. केसीसी की यह सुविधा पशुपालकों और मछली पालन करने वाले किसानों को भी दी जाती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना पीमएम-किसान के इसी सप्ताह एक साल पूरे होने पर इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार चाहती है कि खेती और इससे जुड़े कार्यो के लिए किसानों को धन का अभाव न हो इसलिए सभी किसानों को केसीसी की सुविधा प्रदान करने का प्रयास जारी है.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 फरवरी को उत्तर प्रदेश के चित्रकुट में आयोजित एक विशाल समारोह में कुछ किसानों को केसीसी का वितरण करेंगे और इस दिन देशभर में बैंकों की 20,000 शाखाओं में केसीसी वितरण किया जाएगा.

प्रधानमंत्री ने पिछले साल 24 फरवरी को उत्तर प्रदेश के ही गोरखपुर में आयोजित एक किसान रैली के दौरान पीएम-किसान योजना का शुभारंभ किया था और इसकी सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम भी उत्तर प्रदेश में ही होने जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री देशभर में 10,000 नए एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन बनाने की योजना का भी शुभारंभ करेंगे.

देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में किसानों की आबादी भी सबसे अधिक है. कृषि से जुड़ी जनगणना 2015-16 के मुताबिक देशभर में किसानों की आबादी 14.5 करोड़ है, जिनमें से 2.38 करोड़ किसान उत्तर प्रदेश में निवास करते हैं. इसके बाद सबसे अधिक किसानों की आबादी वाला राज्य बिहार है, जहां लगभग 1.64 करोड़ किसान निवास करते हैं.

देशभर में अब तक 9.72 करोड़ किसानों ने पीएम-किसान का लाभ पाने के लिए पंजीकरण करवाया है, जबकि 8.45 करोड़ किसानों को योजना का लाभ मिलने लगा है और उनके खाते में इसकी रकम जाने लगी है.

इस योजना के तहत लाभार्थी किसान को सालाना 6,000 रुपये की रकम तीन समान किश्तों में सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है. सरकार ने यह योजना किसानों को खेती की लागत में सहायता करने की मंशा से शुरू की, क्योंकि किसान अक्सर पैसे के अभाव में समय पर फसल की बुआई या उसकी सिंचाई व खेती से जुड़े अन्य काम नहीं कर पाते हैं.

खेती करने के लिए अक्सर किसानों को साहूकारों व आढ़तियों से कर्ज लेना पड़ता है, लेकिन अब किसानों को समय पर सस्ता कर्ज बैंकों से उपलब्ध होने लगा है. इसलिए सरकार ज्यादा से ज्यादा किसानों को केसीसी की सुविधा से लैस करना चाहती है.
Input:-IANS