झारखंड में 3 मेडिकल कॉलेज में नामांकन पर रोक को लेकर गरमाया मुद्दा, केंद्र-राज्य आमने-सामने

झारखंड में 3 मेडिकल कॉलेज को लेकर केंद्र और राज्य फिर आमने सामने हो गए हैं.

झारखंड में 3 मेडिकल कॉलेज में नामांकन पर रोक को लेकर गरमाया मुद्दा, केंद्र-राज्य आमने-सामने
झारखंड में 3 मेडिकल कॉलेज में नामांकन पर रोक को लेकर गरमाया मुद्दा, केंद्र-राज्य आमने-सामने.

रांची: झारखंड में 3 मेडिकल कॉलेज को लेकर केंद्र और राज्य फिर आमने सामने हो गए हैं. दरअसल, झारखंड के दुमका, हजारीबाग और पलामू मेडिकल कॉलेज में नामांकन पर केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई रोक के बाद सूबे में सियासत शुरू हो गई.

दुमका, हजारीबाग और पलामू मेडिकल कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है. इस मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य को परेशान कर रही है. उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड सरकार को केंद्र हर सम्भव प्रयास से परेशान करने, हमारी रफ्तार को धीमी करने के लिए हर षडयंत्र हर उपाय लगा रही है.

उन्होंने कहा कि राज्य में बन रहे तीन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है. कुछ आधारभूत संरचना अंतिम चरण में है. अब डीवार कर दिया गया है. यहां बच्चे अब एडमिशन नहीं ले सकेंगे जबकि यहां आधारभूत संरचना का काम 90 प्रतिशत पूरा कर लिया है.

वहीं, देवघर में बन रहे एम्स की आधारभूत संरचना का काम 5 प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है और वहां डीवार नहीं किया गया है.

पूरे मामले पर बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शहदेव ने राज्य सरकार को ही कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि 1 साल पहले ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा राज्य को तीनों कॉलेज में व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया था. बावजूद इसके इस सरकार में अब तक कुछ काम नहीं हुआ और इसके लिए पूरी तरीके से जिम्मेदार झारखंड की वर्तमान सरकार है.

वही, दुमका, हजारीबाग और पलामू मेडिकल कॉलेज की मान्यता बचाने में सरकार जुट गई है. मामले पर जानकारी देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा महासचिव विनोद पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही मांग ले पर्सन जान दिया है और मेडिकल सीटों पर नामांकन की अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार और एमसीआई को अनुरोध पत्र भेजा जाएगा ताकि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो सके.

इस मामले पर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने बीजेपी को यहां से विदाई दी. जिस वजह से राज्य सरकार को अस्थिर कर परेशान करने की कोशिश की जा रही है लेकिन उन्होंने साफ कहा कि परेशानियों का सामना करेंगे और अपना हक छीन कर लेंगे चाहे, इसके लिए किसी भी हद तक जाने की जरूरत क्यों ना पड़े.

बहरहाल, राज्य के 3 मेडिकल कॉलेजों में नामांकन पर रोक के आदेश के बाद राज्य और केंद्र एक बार फिर आमने सामने हैं.