सुशील मोदी का जितना वजन होगा, उतने लोगों के अकाउंट में हम बांट चुके हैं पैसा- पप्पू यादव

कोटा के लिए पप्पू यादव ने रेलवे में पैसा जमा किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के डीसीएम के पास बिहारी मजदूरों के लिए हम पैसा जमा करने के लिए तैयार हैं. कब पैसा जमा करना है यह वह बताएं. 

सुशील मोदी का जितना वजन होगा, उतने लोगों के अकाउंट में हम बांट चुके हैं पैसा- पप्पू यादव
सुशील मोदी का जितना वजन होगा, उतने लोगों के अकाउंट में हम बांट चुके हैं पैसा- पप्पू यादव. (फाइल फोटो)

पटना: ट्रेन से लगातार लाए जा रहे मजदूर और बिहार के छात्र जो देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हैं, उन पर सियासत बहुत तेज हो चुकी है. जाप नेता पप्पू यादव ने कहा कि सुशील मोदी से पूछा जाए कि 27 लाख लोगों ने जो आवेदन दिया था, उनका क्या हुआ. पैंट पहन कर अपने पड़ोसी को छोड़कर भाग गए थे.

उन्होंने सुशील मोदी से सवाल पूछते हुए कहा कि 64 हजार करोड़ रुपए का जो घोटाला हुआ है, उसका पैसा कहां है. मानव श्रृंखला का पैसा कहां गया और जल जीवन हरियाली में जो पैसा लग रहा था उसका पैसा कहां गया, इसका जवाब देना चाहिए.

पप्पू यादव ने कहा कि मेट्रो चलाने की भी क्या जरूरत थी. कुल मिलाकर सुशील मोदी की कुंभकरण की नींद अभी-अभी टूटी है. कोरोनावायरस बारातियों की वजह से हुई है जो ट्रंप के स्वागत में बाराती आए हैं, उनसे कोरोनावायरस फैला है.

थोड़ी तल्ख भाषा का इस्तेमाल करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि सुशील मोदी का जितना वजन होगा, उतना पैसा अभी तक हम लोगों के अकाउंट में बांट चुके हैं. 

कोटा के लिए पप्पू यादव ने रेलवे में पैसा जमा किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के डीसीएम के पास बिहारी मजदूरों के लिए हम पैसा जमा करने के लिए तैयार हैं. कब पैसा जमा करना है यह वह बताएं. 

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मैं धन्यवाद करूंगा सोनिया गांधी का जो कि तैयार हो गई है पैसा जमा करने के लिए मजदूरों और कोटा में फंसे छात्रों के लिए.

ट्रेन में मजदूरों से जबरन वसूली की जा रही है. सीधा डबल चार्ज किया जा रहा है. उसमें पानी के पैसे भी काटे जा रहे हैं यह मानव के संवेदना ही इनका पराकाष्ठा है. उन्होंने कहा कि फिर मोदी को डिक्शनरी का दो ही शब्द पता है- लालू यादव और लालू यादव के बच्चे.

पप्पू यादव ने कहा कि सुशील मोदी रैली के लिए करोड़ों अरबों रुपया लगाते हैं, डांस करवाते हैं, लेकिन गरीब जनता को खाना पहुंचाने के लिए और लोगों को लाने के लिए इनको 3600 ट्रेन लगेगी. करीब 27 लाख लोग आएंगे इसका क्या मतलब है कि 2022 तक बिहारी अपने राज्य पहुंच पाएंगे.

जाप नेता ने कहा कि इनके सामने झारखंड सरकार ने एक मिसाल कायम किया है. हेमंत सरकार ने अपने राज्य के लोगों को लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. व्हाट्सएप पर या फिर सोशल मीडिया से हर संभव लोगों से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है.