बिहार: गोपालगंज हत्याकांड को लेकर महागठबंधन में दो फाड़, सबकी अलग-अलग है राय

बिहार के गोपालगंज में हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर अब विपक्षी महागठबंधन में ही सियासत शुरू हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जहां गोपालगंज हत्याकांड के आरोपी जदयू विधायक की गिरफ्तारी को लेकर सड़कों पर उतरने की कोशिश कर रही है, वहीं हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) राजद द्वारा इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने पर सवाल उठा रही है.  

बिहार: गोपालगंज हत्याकांड को लेकर महागठबंधन में दो फाड़, सबकी अलग-अलग है राय
हम राजद द्वारा इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने पर सवाल उठा रही है.

पटना: बिहार के गोपालगंज में हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर अब विपक्षी महागठबंधन में ही सियासत शुरू हो गई है. आरजेडी जहां गोपालगंज हत्याकांड के आरोपी जदयू विधायक की गिरफ्तारी को लेकर सड़कों पर उतरने की कोशिश कर रही है, वहीं हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) राजद द्वारा इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने पर सवाल उठा रही है. 

इधर, कांग्रेस भी गोपालगंज हत्याकांड को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है. विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, शुक्रवार को राजद के विधायकों के साथ गोपालगंज रवाना होने के लिए निकले, लेकिन प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी. करीब चार घंटे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के सामने हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद तेजस्वी ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी से मुलाकात की और अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर विशेष सत्र बुलाने की मांग की.

तेजस्वी ने कहा, "सरकार ने जितनी पुलिस राजद के विधायकों को गोपालगंज जाने से रोकने के लिए लगाई, उतनी अगर अपने आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के लिए लगाती तो विधायक गिरफ्तार हो जाते." महागठबंधन में शामिल 'हम' के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी के फैसले पर ही सवाल उठा दिया.

मांझी ने तेजस्वी के द्वारा एक घटना को मुद्दा बनाए जाने पर कहा कि एक घटना को नहीं, बल्कि कई घटनाओं को मुद्दा बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सच है कि राज्य में अपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है, लेकिन केवल एक ही घटना को मुद्दा बनाना सही नहीं है.

गोपालगंज कांड को जातीय मामला बनाने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हम जातिवाद की बात नहीं कर रहे हैं. हम एक घटना की नहीं, सभी घटनाओं को मुद्दा बनाने की बात कर रहे हैं." इधर, कांग्रेस ने भी गोपालगंज हत्याकांड के आरोपी विधायक अमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की बात कर रही है. युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने हत्याकांड के सूत्रधार जदयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय की विधानसभा सदस्यता सामाप्त करने व तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.

ललन ने कहा, "नीतीश कुमार सुशासन का नाम नहीं लेते अघाते, लेकिन उनकी पार्टी में एक से बढ़कर एक बाहुबली व सामंती-अपराधी भरे पड़े हुए हैं, लॉकडाउन की आड़ में इन अपराधियों का मनोबल और भी सिर चढ़कर बोल रहा है."

उन्होंने कहा कि सामंती-अपराधी पांडेय गिरोह ने पूरे गोपालगंज में आतंक मचा रखा है. ललन ने आरोप लगाया कि दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी डीआईजी का हस्तक्षेप करना यह साबित करता है कि गोपालगंज जिले में अपराधी और पुलिस के बीच जबरदस्त गठजोड़ है, जिसके कारण अपराध पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू में ऐसे कई कई आरोपी नेता विधायक हैं.

वंचित समाज पार्टी के अध्यक्ष रतन मंडल ने भी गोपालगंज हत्याकांड को लेकर नीतीश कुमार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. उल्लेखनीय है कि गोपालगंज के हथुआ थाना क्षेत्र में रविवार की रात अपराधियों ने ज़े पी़ चौधरी के घर पर गोलीबारी कर उनके माता, पिता और भाई की हत्या कर दी थी. पुलिस ने आरोपी विधायक पप्पू पांडेय के बड़े भाई सतीश पांडेय व उनके पुत्र मुकेश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन आरोपी विधायक अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं.