हूल दिवस पर खूब दिखी सियासी तूल, मुर्मू हत्याकांड पर CBI जांच की उठने लगी है मांग

वही जेएमएम महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य ने बीजेपी के मौन श्रद्धांजलि पर चुटकी लेते हुए कहा कि सीधो-कान्हो सबके हैं. अब उनको कैसे श्रद्धांजलि देना है, अपने-अपने तरीके हैं. 

हूल दिवस पर खूब दिखी सियासी तूल, मुर्मू हत्याकांड पर CBI जांच की उठने लगी है मांग
हूल दिवस पर खूब दिखी सियासी तूल, मुर्मू हत्याकांड पर CBI जांच की उठने लगी है मांग.

रांची: झारखंड में हूल दिवस पर सियासी तूल खूब देखने को मिला. भोगना डीह में भव्य कार्यक्रम का आयोजन कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए सरकार ने टाल दिया है. भले ही कार्यक्रम को टाल दिया गया हो पर वीर सीधो-कान्हो के छठे वंशज रामेश्वर मुर्मू की संदेहास्पद मौत को इस सरकार में शहीद के वंशज की हत्या बताकर हूल दिवस से एक दिन पहले बीजेपी राजभवन पहुंची और घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की.

जबकि हूल दिवस के दिन बीजेपी ने रांची के सीधो-कान्हो पार्क में शहीद सीधो-कान्हो की प्रतिमा के पास मौन श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम में नेता विधायक दल बाबूलाल मरांडी, सांसद संजय सेठ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडे सहित बीजेपी के कार्यकर्ता मौजूद रहे. 

इस दौरान बाबूलाल ने कहा रामेश्वर मुर्मू के परिवार ने सार्वजनिक रूप से आग्रह किया है कि आप सब लोग इस बार फूल माला नहीं चढ़ाएंगे. पार्टी ने तय किया कि परिवार के लोगों का जो भी आग्रह होगा, उसका पालन होना चाहिए. रामेश्वर मुर्मू की हत्या के बाद से उनके परिवार और गांव के लोगों का प्रशासन पर से भरोसा उठ गया है. सरकार से हमारी भी मांग है तुरंत बिना देरी किए सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए.

वही मुख्यमंन्त्री हेमन्त सोरेन ने भी अपने आवास पर शहीद सीधो-कान्हो के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया है. साथ ही लोगों को बताया कि आज का दिन महत्वपूर्ण दिन है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण भव्य कार्यक्रम के आयोजन की मनाही है. फिर भी लोग व्यक्तिगत तरीके से शहीद दिवस मना रहे हैं और श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं. साथ ही आज के दिन को गौरव दिवस के रुप मे मनाने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ी प्रेरणा लेती रहे. 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने बीजेपी के मौन श्रद्धांजलि पर पूछा कि बीजेपी बताए आदिवासी की स्थिति को सुधारने के लिए क्या किया. बाबूलाल मरांडी संथाली हैं वो आज जिनके लिए मौन हैं उन परिवार की स्थिति सुधारने के लिए क्या किया. आज भी आदिवासी की जमीन लूटी जा रही है. 

कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा कि हर चीज में राजनीति करना जरूरी नहीं है. साथ ही शहीद सीधो-कान्हो के छठे वंशज की कथित हत्या मामले में कहा कि सभी लोग चाहते हैं न्याय मिलना चाहिए.  न्यायायिक मामले एक दिन में नहीं सॉल्व होते हैं. न्याय प्रक्रिया में देरी भी होती है. साथ ही कहा जहां से हमें देश की आजादी के लिए प्रेरणा मिली उस पर राजनीति न हो.

वही जेएमएम महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य ने बीजेपी के मौन श्रद्धांजलि पर चुटकी लेते हुए कहा कि सीधो-कान्हो सबके हैं. अब उनको कैसे श्रद्धांजलि देना है, अपने-अपने तरीके हैं. 

जेएमएम महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि सरकार सीधो-कान्हो के छठे वंशज के मौत की जांच सरकार करवा रही है. साथ ही बीजेपी नेताओं से अनुरोध किया कि निश्चिंत रहें घटना में शामिल दोषियों को सजा मिलेगी.