Munger: BJP नेता की हत्या के पीछे हो सकती है ये 2 बड़ी वजहें, छानबीन के बाद होगा पूरे मामले का पर्दाफाश

इस घटना के पीछे दो कारण बताया जा रहा है. पहला कारण प्रो शम्सी का कालेज के प्रभारी प्राचार्य ललन प्रसाद सिंह से विवाद तथा दूसरा कारण आईटीसी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही खींचतान है. 

Munger: BJP नेता की हत्या के पीछे हो सकती है ये 2 बड़ी वजहें, छानबीन के बाद होगा पूरे मामले का पर्दाफाश
Munger: BJP नेता की हत्या के पीछे हो सकती है ये 2 बड़ी वजहें, छानबीन के बाद होगा पूरे मामले का पर्दाफाश.

प्रशांत कुमार/मुंगेर: बिहार में बीजेपी (BJP) के प्रदेश प्रवक्ता अजफर शम्सी (Afzar Shamsi) को अपराधियों ने गोली मार दी. गोली प्रदेश प्रवक्ता के बांये कनपटी में लगी. गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया. वही, इस ममाले में परिजनों के बयान पर एक गिरफ्तार कर लिया गया है. एसपी ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है और अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही है.

ड्राइवर ने बताया आंखोंदेखा हाल
घटना के संबंध में अजफर शम्सी के ड्राइवर मोहम्मद मुन्ना ने बताया कि प्रतिदिन की तरह करीब बुधवार की सुबह 11 बजे वह उन्हें लेकर जमालपुर कॉलेज पहुंचा था. कॉलेज गेट पर पहुंचने के बाद उन्होंने वहां विद्यार्थियों की काफी भीड़ देखी और शम्सी गेट के पास कार से उतर गए. वही ड्राइवर को गाड़ी मोड़ने के लिए कहा. तभी अचानक दो गोली चलने की आवाज हुई, और वहां भगदड़ मच गया. 

लोग भागने लगे इसी दौरान उसने देखा कि शम्सी जमीन पर गिरे पड़े हैं. कॉलेज के शिक्षकों आदि की सहायता से उन्हें उनकी ही कार से सदर अस्पताल लाया गया. इस बीच घटना की जानकारी होते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुट गई.

वही, सिविल सर्जन ने कहा कि प्रदेश प्रवक्ता को कनपटी में एक गोली लगी है और गोली फंसी हुई है. उन्हें बेहतर इलाज के पटना रेफर कर दिया है 

घटना की जानकारी मिलते ही डीआईजी मो मोशफीउल हक के साथ एसपी मानव जीत सिंह ढिल्लों सदर अस्तपताल पहुंचे जहां उन्होंने शम्सी के परिवार वालों से बात की और घटना की जानकरी ली. एसपी ने कहा कि मोहम्मद अजफर शम्सी आईटीसी लेबर यूनियन के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं. साथ ही जमालपुर कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त भी हैं. 

ITC लेबर यूनियन में भी चल रहा था आपसी विवाद
इन दिनों आईटीसी लेबर यूनियन (ITC Labour Union) पद को लेकर कई लोगों से उनका वाद विवाद भी चल रहा था. इस संबंध में मारपीट की घटना भी पूर्व में हो चुकी है. वहीं पुलिस घटना की छानबीन में पूरी तरह जुट चुकी है. उन्होंने कहा की परिजनों के बयान पर जमालपुर कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य ललन प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही उनसे पूछताछ की जा रही है. 

चार युवकों ने की फायरिंग
इस बाबत एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि मोहम्मद अजफर शम्सी से उनकी कुछ आपसी रंजिश है जिसकी बातें परिजन बता रहे हैं. इसको लेकर प्रभारी प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया गया. वही जब एसपी से पूछा गया कि उनके परिजन द्वारा कहा गया कि एक पिंक कलर की टोयोटा वाहन में चार युवक आये और फायरिंग शुरू कर दी तो उन्होंने कहा कि परिजनों के कहे जाने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है.

क्योंकि घटना कैम्पस के अंदर हुई है तो किसने गोली चलायी ये पता नहीं है, लेकिन पुलिस मामले का जल्द उद्भेदन करेगी. उन्होंने कहा कॉलेज परिसर में एडमिड कार्ड का वितरण का कार्य चल रहा है और घटनास्थल पर एक खोखा बरामद हुआ है. 

क्या है पूरा मामला 
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता एवं जमालपुर कॉलेज के ब्रशर तथा श्रम एवं समाज कल्याण विभाग के शिक्षक प्रो अजफर शम्सी को बुधवार को कालेज परिसर में अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी. गोली उनके कनपटी में लगी है. इस घटना के पीछे दो कारण बताया जा रहा है. पहला कारण प्रो शम्सी का कालेज के प्रभारी प्राचार्य ललन प्रसाद सिंह से विवाद तथा दूसरा कारण आईटीसी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही खींचतान है. 

सातवें वेतनमान को लेकर चल रहा था अंदरूनी विवाद
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन की गतिविधियों के कारण जमालपुर कॉलेज में विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है बताया जाता है कि जमालपुर कॉलेज के सभी शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ दे दिया गया परंतु केवल प्रभारी प्राचार्य ललन प्रसाद से ही इससे वंचित हैं. इतना ही नहीं वेतन के कई माह पूर्व ललन प्रसाद का विश्वविद्यालय प्रशासन ने वित्तीय प्रभार भी छीन लिया था जबकि प्रोफेसर अजफर शम्सी जमालपुर कॉलेज के ब्रशर थे. 

वही एक नई शिक्षिका के बहाली का आदेश विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा जारी होने के कारण यह विवाद और भी गहराता चला जा रहा था. ऐसे में पुलिस को लगता है कि नई शिक्षिका के कारण ही लल्लन प्रसाद सिंह को सातवां वेतनमान नहीं दिए जाने का भी मामला हो सकता है. 

हत्या के पीछे की दो कड़ियों पर चल रही है जांच
वही, यदि बात आईटीसी वर्कर्स यूनियन (ITC Workers Union) से जुड़े मामले की करते हैं तो प्रोफेसर शम्सी जब से इसके अध्यक्ष बने थे, तब से ही एक विपक्षी गुट द्वारा लगातार उनके खिलाफ उनको पद से हटाने के लिए प्रयास किया जा रहा था. इस मामले मे विगत दिनों उन पर जानलेवा हमला भी हुआ था तथा पिछले कई वर्षों से उनको पद से हटाने के लिए गुटबाजी चल रही है. 

इस मामले में आईटीसी परिसर के अंदर तथा बाहर कई जगह विवाद भी हो चुका है. ऐसे में यह भी देखना होगा कि कहीं यह मामला आईटीसी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष के चुनाव से संबंधित तो नहीं है या विश्वविधालय संबधित तो नहीं है. वही पुलिस दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है क्योकि ये मामला सुसाशन की सरकार का है.