WHO ने जारी की प्रदूषित शहरों की लिस्ट, बिहार में सीज होंगी ज्यादा धुआंं देने वाली गाड़ियां

WHO की तरफ से साल 2016 के लिए दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची जारी कर दी गई है. इनमें भारत के 14 शहरों के नाम शामिल हैं. भारत के 14 सबसे प्रदूषित शहरों में सबसे ऊपर कानपुर का नाम है. जबकि इस सूची में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली छठे नंबर पर है. चौकाने वाली बात यह भी है कि इन शहरों की सूची में बिहार के तीन शहरों के नाम भी शामिल है.

WHO ने जारी की प्रदूषित शहरों की लिस्ट, बिहार में सीज होंगी ज्यादा धुआंं देने वाली गाड़ियां
नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने भी माना है कि प्रदूषण बढ़ गया है.

पटनाः WHO की तरफ से साल 2016 के लिए दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची जारी कर दी गई है. इनमें भारत के 14 शहरों के नाम शामिल हैं. भारत के 14 सबसे प्रदूषित शहरों में सबसे ऊपर कानपुर का नाम है. जबकि इस सूची में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली छठे नंबर पर है. चौकाने वाली बात यह भी है कि इन शहरों की सूची में बिहार के तीन शहरों के नाम भी शामिल है. जो काफी प्रदूषित हैं. सूची में बिहार की राजधानी पटना, गया और मुजफ्फरपुर का नाम शामिल है.

प्रदूषित शहरों की सूची में बिहार के गया जिले को चौथे स्थान पर रखा गया है. राजधानी पटना को पांचवे जबकि मुजफ्फरपुर को नौवें स्थान पर रखा गया है. WHO ने रिपोर्ट जारी कर शहरों के बारे में बताया है.

WHO की 2016 के रिपोर्ट के मुताबिक गया नेशनल स्टेंडर्ड के अनुसार तीन गुना ज्यादा प्रदूषण है. पटना में 144 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर और मुजफ्फरपुर में 120 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर है. WHO के मुताबिक दुनिया के हर 10 में से 9 लोग प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं. इसके मुताबिक हर साल घर के बाहर और घरेलु वायु प्रदूषण की वजह से दुनिया भर में 70 लाख लोगों की मौत होती है.

अकेले बाहरी प्रदूषण से 2016 में मरनेवाले लोगों की तदाद 42 लाख के करीब थी. जबकि घरेलु वायु प्रदूषण से होनेवाली मौतों की तदाद 38 लाख है. वायू प्रदूषण के कारण हार्ट संबंधित बीमारी, सांस की बीमारी और अन्य बीमारियों से होती है.

WHO की रिपोर्ट के बाद बिहार के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने भी माना है कि प्रदूषण बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि जो गाड़ियां ज्यादा धुआं देती है उसे सीज किया जाएगा. साथ ही ट्रकों की एंट्री नहीं हो इसके लिए भी डीएम को लिखा जाएगा. राज्य ट्रांसपोर्ट की बसों के लिए ग्रामीण इलाके में स्टैंड बनाए जाएंगे.