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पटना: तीन तलाक बिल पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रतिनिधी ने कहा- 'इस कानून में कई खामियां'

तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम आल इण्डिया मुस्लिम पर्शनल लॉ बोर्ड की बिहार कोर्डिनेटर मेहजबीं नाज का कहना है कि सरकार मुल मुद्दा से भटकी है और गैरजरुरी मुद्दा को गलत ढंग से थोपने पर लगी है और इससे परिवार में बिखराव होगा.

पटना: तीन तलाक बिल पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रतिनिधी ने कहा- 'इस कानून में कई खामियां'
बिहार कोर्डिनेटर मेहजबीं नाज का कहना है कि सरकार मुल मुद्दा से भटक गई है.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में मंगलवार को तीन तलाक विधेयक पेश कर दिया. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सदन में विधेयक को पेश किया. तीन तलाक के मुद्दे पर बिहार में एनडीए के घटक दल बीजेपी और जेडीयू की राय अलग अलग है जबकि मुस्लिम पर्शनल लॉ बोर्ड के प्रतिनिधि का कहना है कि इस कानून में कई खामियां है जिससे मुस्लिम समाज का भला नहीं होगा.

तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम आल इण्डिया मुस्लिम पर्शनल लॉ बोर्ड की बिहार कोर्डिनेटर मेहजबीं नाज का कहना है कि सरकार मुल मुद्दा से भटकी है और गैरजरुरी मुद्दा को गलत ढंग से थोपने पर लगी है और इससे परिवार में बिखराव होगा. नेहजबीं नाज़ का कहना है कि सरकार को तीन तलाक के बदले मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा और उन्हें बेहतर सुविधा के लिए काम करना चाहिए था लेकिन सरकार इसे इश्यू बना ली है और उसी अनुसार काम कर रही है जबकि इससे परिवार में समस्या पैदा होगी. 

जेडीयू का स्पष्ट मानना है कि तीन तलाक के मुद्दे पर समाज की बात सुननी चाहिए और इस मामले में जेडीयू का जो स्टैंड पहले था वही अब भी है और वही आगे भी रहेगा हालाँकि इस मुद्दे पर जेडीयू और बीजेपी की राय अलग अलग है लेकिन ये राजनीत है और इसमें किसी दल विशेष पर अपनी राय थोपी नहीं जा सकती लेकिन इससे गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा अपनी अपनी सोच और नजरिया है राय अलग हो सकती है 

बीजेपी तीन तलाक के मुद्दे को लेकर अपना स्पष्ट राय लेकर चल रही है उसी कड़ी में लोकसभा से बिल पास होने के बाद अब राज्यसभा में इसे रखा गया है ,पार्टी का मानना है कि महिला शसक्तीकरण और महिलाओं के बेहरति के लिए पार्टी प्रतिबद्ध है और उनके हक के लिए ही ये कदम उठाया गया है. 

तीन तलाक को लेकर बीजेपी अपनी ओर से तर्क भी रख रही है और दूसरे देशों का उदाहरण भी सामने रख रही है लेकिन विपक्ष इसे राजनीत करार दे रही है और मुस्लिम पर्शनल लॉ बोर्ड भी इसे बीजेपी की राजनीत करार देते हुए इस बील की खामियां गिनाने में लगी है.