बिहार में लगेंगे खास पौधे, दो साल में मिलेगी 10 साल की ग्रोथ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली यात्रा की शुरुआत करते हुये किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान की मेवाकी तकनीकि से पौधे तेजी से बढ़ते हैं, इसका प्रयोग सीएम हाउस में किया जा रहा है.

बिहार में लगेंगे खास पौधे, दो साल में मिलेगी 10 साल की ग्रोथ
नीतीश कुमार ने मेवाकी तकनीक से पेड़ लगाने के निर्देश दिए हैं.

पटना: बिहार में अब ऐसी तकनीक से पेड़ लगेंगे, जिसमें दो साल में ही उन्हें 10 साल की ग्रोथ मिल जाएगी. इसका ऐलान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली यात्रा की शुरुआत करते हुए किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान की मेवाकी तकनीकि से पौधे तेजी से बढ़ते हैं, इसका प्रयोग सीएम हाउस में किया जा रहा है. आठ माह पहले लगे पौधे की ग्रोथ काफी ज्यादा है. 

बेतिया के चंपापुर पहुंचे मुख्यमंत्री जब चंपा तालाब का निरीक्षण कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने देखा कि तालाब के किनारे पौधे लगाये जा रहे हैं, तो मुख्यमंत्री ने बेतिया डीएम नीलेश देवड़े को पास बुलाया और कहा कि आप यहां पर मेवाकी तकनीकि से पेड़ लगाना तय करें, जिससे उन्हें काफी ग्रोथ मिलेगी. उन्होंने पटना से आये अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकि की जानकारी दें, ताकि पूरे राज्य में मेवाकी तकनीकि से पेड़ लगें और उन्हें अच्छा ग्रोथ मिले. 

nitish kumar

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच से इसकी जानकारी दी और कहा कि हमारी सरकार ने जलवायु परिवर्तन के कारण जल-जीवन-अभियान की शुरुआत की है. हाल के सालों में आपने देखा होगा, कभी सूखा पड़ता है, तो सूखा ही रहता है और जब बारिश होती है, तो झमाझम बारिश हो जाती है. ये खतरनाक संकेत हैं. इसी को देखते हुये हमने ये अभियान शुरू किया है. इसके तहत 11 तरह के काम हो रहे हैं, जिन्हें देखने की शुरुआत हमने चंपापुर से की है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके गांव का अच्छा नाम है, मेरा सौभाग्य है कि हमने अपनी यात्रा की शुरुआत आपके बीच से की है. हमने आपके गांव में जाकर काम देखा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सब काम होगा, लेकिन उनका कैसे रखरखाव हो, ये तय करना आप लोगों का काम है. सीएम ने हर घर बिजली पहुंचाने का जिक्र करते हुये कहा कि बिजली तो पहुंच गयी है, लेकिन अब आपका काम है कि बिजली का दुरुपयोग नहीं हो.

ऐसे ही हम हर घर नल का जल पहुंचा रहे हैं, जिसमें आपकी जिम्मेदारी है कि उस जल का दुरुपयोग नहीं हो. क्योंकि अब हम चापाकल और कुंआ भी ठीक करा दे रहे हैं. पीने के पानी का काम नल से कीजिऐ और अन्य कामों के लिए चापाकल और कुएं के पानी का इस्तेमाल कीजिए.