बिहार में कोरोना के मामले बढ़कर हुए 2098, कुल 58 हजार से अधिक सैंपल की हुई जांच

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार में कोरोना के 111 नए मामले मिले हैं. हालांकि, ये मामले किन जिलों से आए हैं इसकी जानकारी फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने नहीं दी है.

बिहार में कोरोना के मामले बढ़कर हुए 2098, कुल 58 हजार से अधिक सैंपल की हुई जांच
बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2098 पर पहुंच गई है.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2098 पर पहुंच गई है. मिली जानकारी के मुताबिक बिहार में आज कोरोना के 111 नए मामले मिले हैं. हालांकि, ये मामले किन जिलों से आए हैं इसकी जानकारी फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने नहीं दी है.

इसके पहले गुरुवार को राज्य में कोरोना के 124 मामले और आए हैं. आपको बता दें कि कोरोना से अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है. 

स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में अब तक 58 हजार लोगों की जांच हुई है. वहीं, सबसे अधिक मामले पटना में पाए गए जिनमें 48 लोग ठीक हुए और दो लोगों की मौत हो गई. बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक कुल 10 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि कोरोना संक्रमित लगभग 600 मरीज ठीक हो चुके हैं.

साथ ही आपको बता दें कि पटना के 186 में 52, मुंगेर के 137में 93, रोहतास के 123 में 59, मधुबनी के115 में 20, नालन्दा के 80 में 59, बक्सर के 100 में 56, बेगूसराय के122 में 21,खगडिया के 96 में 8, सीवान के 53 में 32, बांका के 64 में 1, भागलपुर के 64 में 27, कैमूर के 45 में 32, भोजपुर के 39 में 23, नवादा के 50 में 4, गोपालगंज के 89 में 18, पूर्णिया के 36 में 2, जहानाबाद के 106 में 5, पश्चिमा चंपारण के 27 में 11, मुजफ्फरपुर के 32में 11, औरंगाबाद के 34 में 14, सहरसा में21 ,शेखपुरा में 41, पूर्वी चंपराण के 56 में 11,  कटिहार के 72 में 9, मधेपुरा के 22 में 9, दरभंगा के 31 में 7, समस्तीपुर के 56 में 2, सुपौल में 29, लखीसराय के 24 में 5, जमुई के 26, किशनगंज के 14,में 7, अरवल के 20 में 5, वैशाली के 25 में 2 की मौत , सारण के 25 में 8, गया के 24 में 6, शिवहर 6 में 2,अऱरिया 5 में 2 लोग ठीक हुए हैं.

फिलहाल कोरोना के 3311 सैम्पल जांच की प्रक्रिया के अधीन है. आपको बता दें कि बिहार में मई में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. प्रवासी श्रमिकों के स्पेशल ट्रेनों से बिहार पहुंचने के बाद ये सिलसिला और भी अधिक बढ़ गया है. वहीं, सरकार ने प्रखंड स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था की है जहां प्रवासी श्रमिकों को पहले 14 दिनों तक रखा जाता है और उसके बाद ही उन्हें घर रवाना किया जाता है.