उपचुनाव: किशनगंज में है त्रिकोणीय संघर्ष, कांग्रेस, BJP, AIMIM के बीच मुकाबला

किशनगंज विधानसभा सीट कांग्रेस (Congress) के तत्कालीन विधायक डॉ मुहम्मद जावेद आजाद के सांसद चुने जाने से खाली हुई थी. यहां, बीजेपी, कांग्रेस, एआईएमआईएम और सीपीआई उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं. 

उपचुनाव: किशनगंज में है त्रिकोणीय संघर्ष, कांग्रेस, BJP, AIMIM के बीच मुकाबला
कटिहार में त्रिकोणीय मुकाबला. (फाइल फोटो)

किशनगंज: 21 अक्टूबर को किशनगंज (Kishanganj) विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में कुल आठ प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. 70 फीसदी मुस्लिम और 30 फीसदी हिंदू मतदाता वाले इस विधानसभा में कुल दो लाख 84 हजार 335 मतदाता हैं. यहां पुरुष मतदाताओं की संख्या एक लाख 43 हजार 728 है वही, महिला मतदाताओं की संख्या एक लाख 40 हजार 522 है.

किशनगंज विधानसभा सीट कांग्रेस (Congress) के तत्कालीन विधायक डॉ मुहम्मद जावेद आजाद के सांसद चुने जाने से खाली हुई थी. यहां, बीजेपी, कांग्रेस, एआईएमआईएम और सीपीआई उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं. वहीं, चार निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में हैं. अब तक के आकलन के अनुसार, कांग्रेस, बीजेपी और AIMIM के बीच त्रिकोणीय संघर्ष दिख रही है.

इस सीट से बीजेपी (BJP) उम्मीदवार स्विटी सिंह तीसरी बार अपना भाग्य आजमा रही है. इससे पहले उन्हें कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ जावेद आजाद से हार का सामना करना पड़ा था. स्विटी सिंह वर्तमान में जिला परिषद की सदस्य हैं.

2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार स्विटी सिंह को महज 264 मतों से डॉ. मो. जावेद आजाद से शिकस्त मिली थी. वहीं, वर्ष 2015 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार ने उन्हें 8556 मतों से पराजित किया था. स्विटी सिंह को विजयी बनाने के लिए बीजेपी और उसके सहयोगी दल पूरी कोशिश में लगे हैं. स्विटी सिंह पीएम मोदी के विकास कार्यों के नाम पर जनता से वोट मांग रही हैं.

कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेसी सांसद डॉ मुहम्मद जावेद आजाद अपनी 72 वर्षीय मां सइदा बानो को कांग्रेस के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़वा रहे हैं. सइदा बानो वर्ष 2001 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल से 54 वर्ष की उम्र में मैट्रिक परीक्षा पास की. 58 साल की उम्र में बीपीपी का कोर्स की थी. कांग्रेस के कई कद्दावर नेताओं को परिवारवाद की राजनीति पच नहीं रहा है, जिसके विरोध में बागी तेवर अपना चुके हैं.

AIMIM पार्टी भी किशनगंज में अपना दबदबा बना चुकी है. कमरुल हुदा को चुनावी दंगल में उतारा है. कमरुल विधानसभा चुनाव दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं. वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कुल 7,965 मत मिले थे.