बिहार: इस गांव में नहीं होता है महंगे प्याज का असर, कारण जान हैरान रह जाएंगे आप

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बिहार के जहानाबाद में एक ऐसा गांव है जहां के लोग प्याज की बढ़ती कीमतों से न तो परेशान हैं और न ही हैरान.

बिहार: इस गांव में नहीं होता है महंगे प्याज का असर, कारण जान हैरान रह जाएंगे आप
बिहार के इस गांव में कोई नहीं खाता प्याज और लहसून. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जहानाबाद: प्याज की कीमतें अक्सर देशभर में लोगों को समय-समय पर रुलाती रहती है. बिगड़े बजट से लोगों के खाने का ज़ायका भी बिगड़ जाता है. ऐसे में लोग सरकार को कोसने में कोर कसर नहीं छोड़ते. हाल ही में प्याज की कीमत (Onion Price) ने शतक भी लगा दिया था. यह वही प्याज है जिसने सत्ता और सियासत में भूचाल ला दिया था. प्याज की बढ़ती कीमतों ने दिल्ली की सत्ताधारी बीजेपी सरकार को भी पलट दिया था.

लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बिहार के जहानाबाद (Jahanabad) में एक ऐसा गांव है जहां के लोग प्याज की बढ़ती कीमतों से न तो परेशान हैं और न ही हैरान. ऐसा इसलिए कि इस गांव के लोग प्याज ही नहीं खाते हैं.

जिले के हुलासगंज प्रखंड के त्रिलोकी बिगहा गांव के लोग प्याज और लहसुन न तो खाते हैं और न ही कभी खरीदकर अपने घर पर लाते हैं. आलम यह है कि गांव के लोग कहीं बाहर जाकर भी लहसुन और प्याज का सेवन नही करते हैं. जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुकी 75 साल की सुलेखा देवी बताती हैं कि गांव के लोग प्याज और लहसुन के साथ-साथ मांस और मदिरा से भी दूर रहते हैं.

आपको यह भी बता दें कि इसके पीछे की वजह क्या है. दरअसल, गांव में स्थित ठाकुर जी के मंदिर में ग्रामीणों की गहन आस्था है. साथ ही गांव में प्याज खाने के बाद हुई दुर्घटना से ग्रामीणों ने प्याज खाना ही बंद कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार पुरखों द्वारा लगाए गए प्याज पर प्रतिबंध को 40 साल पहले कुछ लोगों ने तोड़ने की कोशिश भी की थी, लेकिन उनके साथ हुए हादसों ने सभी ग्रामीणों को दोबारा ऐसा करने से आज तक रोके हुए है.

अब आप भले ही इसे गांव के ग्रामीणों की आस्था कहें या परंपरा, लेकिन इतना तो जरूर है कि इस गांव के लोगों को प्याज की बढ़ी कीमतें न तो रुला रही हैं और न ही उन्हें अपने घर की रसोई में प्याज की कमी महसूस हो रही है.