बिहार: बाढ़ नगर परिषद में नगर परिषद में बवाल, दो महिलाओं के झगड़े में पिस रहे लोग

एक खेमा नगर अध्यक्ष शकुंतला देवी के साथ है तो दूसरा खेमा अपने गर्म तेवर को लेकर पहचान बनाए महिला कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री जया के बीच इस कदर टक्कर चल रही है कि करीब 1 साल से नगर परिषद का सारा का सारा विकास कार्य बाधित है.  

बिहार: बाढ़ नगर परिषद में नगर परिषद में बवाल, दो महिलाओं के झगड़े में पिस रहे लोग
दो प्रभावशाली महिला के बीच जंग जिसमें जनता पिस रही है.

बाढ़: बिहार के बाढ़ जिले में नगर परिषद में इन दिनों दो प्रभावशाली महिला के बीच ऐसी जंग चल रही है जिसकी चक्की में 27 नंबर वार्ड की जनता पीस रही है. यह मामला दरअसल बाढ़ नगर परिषद कार्यालय का है जहां एक खेमा नगर अध्यक्ष शकुंतला देवी के साथ है तो दूसरा खेमा अपने गर्म तेवर को लेकर पहचान बनाए महिला कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री जया के बीच इस कदर टक्कर चल रही है कि करीब 1 साल से नगर परिषद का सारा का सारा विकास कार्य बाधित है.

एक तरफ शकुंतला देवी महिला पदाधिकारी के ऊपर मनमानी और तानाशाही रवैया अपनाए जाने की आरोप लगा रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ कार्यपालक पदाधिकारी साफ तौर पर मुख्य वार्ड पार्षद शकुंतला देवी और उसके पति संजय कुमार वार्ड पार्षद के ऊपर ताबड़तोड़ हमला बोल रही है जिसमें घपला घोटाला से लेकर अवैध बहाली तक का मामला है जिसको लेकर पूरा नगर परिषद इन दिनों जंग की मैदान बन कर रह गया है.

बुधवार के दिन 11 बजे से अचानक मुख्य वार्ड पार्षद शकुंतला देवी नगर परिषद के मुख्य द्वार पर हड़ताल पर बैठ गईं. उनका साफ तौर पर कहना है कि कार्यपालक पदाधिकारी निरंकुश और तानाशाही रवैया अपना रही है. किसी भी कर्मचारी की ना तो वो इज्जत करती हैं और ना ही विकास कार्यों में रुचि रखती हैं जिसके लिए उन्होंने विभाग के तमाम आला अधिकारी यहां तक कि मंत्री तक को लिखित पत्र सौंप चुकी हैं.

वहीं कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री जया का कहना है कि शकुंतला देवी अपने मनमानी तरीके से नगर परिषद को चलाना चाहती है और कई घोटाले में उनकी संलिप्तता होने के चलते जब मामले को उजागर किया जाता है तो वह नगर परिषद के कर्मचारियों को भड़का कर हड़ताल बुलवा देती हैं और कामकाज पूरी तरीके से ठप कर विकास कार्यों को बाधित करती हैं.