झारखंड के दो गांव हुए 'नशा मुक्त' घोषित, पीएम मोदी ने भी 'मन की बात' में की थी तारीफ

नशा मुक्त इस गांव में ना सिर्फ नशा करने पर रोक है. बल्कि जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान को लेकर भी लोगों ने यहां ऐसी मुहिम छेड़ रखी है. जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सामने एक बेहतरीन मॉडल पेश किया है. 

झारखंड के दो गांव हुए 'नशा मुक्त' घोषित, पीएम मोदी ने भी 'मन की बात' में की थी तारीफ
यहां के ग्रामीण बताते हैं कि आज से दो साल पहले दोनों गांव का बुरा हाल था.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 25 किलोमीटर दूर ओरमांझी प्रखंड में आरा और केरम नाम के दो गांव हैं. दोनों ही गांव को आज पूरी तरह से नशा मुक्त गांव का दर्जा मिला है. इस बात की तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में भी की है. खुद झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास भी इस गांव में पहुंचे. 

नशा मुक्त इस गांव में ना सिर्फ नशा करने पर रोक है. बल्कि जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान को लेकर भी लोगों ने यहां ऐसी मुहिम छेड़ रखी है. जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सामने एक बेहतरीन मॉडल पेश किया है. इसकी पहल किसी सरकारी या एनजीओ ने नहीं कि है बल्कि यहां के लोगों ने की है. यहां के लोगों ने दुनिया सामने एक मिसाल पेश की है.

 

यहां के ग्रामीण बताते हैं कि आज से दो साल पहले दोनों गांव का बुरा हाल था. ज्यादातर लोग सुबह से ही नशा करने लगते थे और शाम होने तक इस कदर डूब जाते थे कि रोज किसी ना किसी जगह, किसी चौराहे या किसी घर में मारपीट होती थी. लोग बेसुध होकर गांव में सड़क किनारे पड़े रहते थे. घर में आये दिन लड़ाई झगड़े और आर्थिक तंगी से परेशान होकर महिलाओं ने आखिर एक दिन इसके खिलाफ बिगुल फूंक दिया. 

गांव की महिला रोशनी देवी बताती हैं कि उन्होंने अपने घर से शराब छुड़ाने का प्रयास शुरू किया. शराब पीने वाले पति को बच्चों के साथ मिलकर घर से बाहर निकाल दिया. और इस तरह से दूसरी महिलाओं ने भी ऐसा करना शुरु कर दिया. फिर सभी महिलाओं ने मिलकर शराब बनाने वाली जगह पर हमला बोल दिया और भट्टी को तोड़ दिया.

आखिरकार महिलाओं की मेहनत रंग लाई और लोगों ने शराब और दूसरी तरह की नशाओं से दूरी बना ली. जिसका नतीजा है कि ये आज ये दोनों गांव नशा मुक्त गांव के नाम से जाना जाता है. जिससे यहां के लोग गर्व महसूस करते हैं.
Taskeen Salmanoor, News Desk