Ranchi: षडयंत्र के तहत बदमाशों ने की साथी की हत्या, पुलिस मुखबिरी-लेवी वसूलने का था आरोप

गिरफ्तार नक्सली मोहन मुंडा ने अपना स्वीकृति बयान में जो खुलासे किए वह चौंकाने वाले हैं. दरअसल, देवानंद और महावीर की हत्या पुलिस मुखबिरी के आरोप में दो की गई थी. साथ ही साथ वे दोनों नक्सली अमित मुंडा के नाम पर लेवी वसूलने का काम करते थे.

Ranchi: षडयंत्र के तहत बदमाशों ने की साथी की हत्या, पुलिस मुखबिरी-लेवी वसूलने का था आरोप
Ranchi: षडयंत्र के तहत बदमाशों ने की साथी की हत्या, पुलिस मुखबिरी-लेवी वसूलने का था आरोप.

रांची: साल 2020 के जून और जुलाई में तमाड़ में देवेंद्र सिंह और महावीर मुंडा की हत्या को अंजाम दिया गया जिसके बाद से हत्या में शामिल सभी आरोपी फरार थे. हत्याकांड में शामिल आरोपी नक्सली गौर मोहन सिंह मुंडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है.

बीते साल 30 जून और 1 जुलाई को तमाड़ थाना क्षेत्र में दो लोगों की हत्या को अंजाम दिया गया था. हत्याकांड के बाद से घटना में शामिल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे. पुलिस को एक कामयाबी हाथ लगी जब उन्हें जानकारी मिली नक्सली गौर मोहन सिंह मुंडा अपने घर आया हुआ है. पुलिस ने जब उसके घर में छापा मारा तो उसके घर से नक्सली साहित्य किताब और नक्सली बैनर बरामद हुए गौर मोहन मुंडा दोहरे हत्याकांड में संलिप्त आरोपी है.

गिरफ्तार नक्सली मोहन मुंडा ने अपना स्वीकृति बयान में जो खुलासे किए वह चौंकाने वाले हैं. दरअसल, देवानंद और महावीर की हत्या पुलिस मुखबिरी के आरोप में दो की गई थी. साथ ही साथ वे दोनों नक्सली अमित मुंडा के नाम पर लेवी वसूलने का काम करते थे. लेवी की रकम सरगना अमित मुंडा तक नहीं पहुंच पाता था. इसी को लेकर नक्सली अमित मुंडा का दस्ता दोनों से नाराज़ चल रहा था और दस्ते द्वारा दोनों के लिए सजा-ए-मौत का फरमान लिख दिया गया.

बहरहाल, तमाड़ हत्याकांड मामले में पुलिस ने हत्या में शामिल नक्सली को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती भी है और मौका भी अब देखना है कि आखिर बाकी आरोपी को पुलिस अपनी गिरफ्त में कब तक ले पाती है.