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Bihar Vidhansabha election 2020: बड़े गठबंधनों में 'रार', छोटे ले रहे हैं 'आकार'

RLSP के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को दिल्ली से तीन दिनों के प्रवास से लौटने के बाद कहा कि उनकी अभी किसी दल से बात नहीं हो रही है, जो भी कयास लगाए जा रहे हैं, वह सही नहीं है. 

Bihar Vidhansabha election 2020: बड़े गठबंधनों में 'रार', छोटे ले रहे हैं 'आकार'
Bihar Vidhansabha election 2020: बड़े गठबंधनों में 'रार', छोटे ले रहे हैं 'आकार'.

पटना: बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha election) के लिए दो दिन बाद नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी, लेकिन राज्य के दो प्रमुख गठबंधनों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन में अभी भी सीटों को लेकर रार ठनी हुई है. इस बीच हालांकि छोटे दलों के छोटे गठबंधन आकार ले रहे हैं.

NDA के प्रमुख घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. सूत्रों के मुताबिक जेडीयू और एलजेपी के बीच चल रही तनातनी के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एलजेपी को 27 सीटों का ऑफर दिया है, लेकिन इस पर बात बनी नहीं है. एलजेपी के अंदरखाने से अभी भी 143 सीटों पर लड़ने की बात कही जा रही है.

एलजेपी और बीजेपी के नेता इस मामले को लेकर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन अब तक जो स्थिति बनी है उसके मुताबिक इस चुनाव को लेकर एलजेपी की स्थिति साफ नहीं है, जबकि इस गठबंधन में बीजेपी के साथ जेडीयू और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा मजबूती के साथ खड़ी है.

इधर, विपक्षी दलों के महागठबंधन की बात करें तो यहां भी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है. RLSP में अब तक अधिकारिक रूप से महागठबंधन से अलग होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन उसकी नाराजगी अब जगजाहिर हो गई है. रही सही कसर सोमवार को आरजेडी ने RLSP के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद भूदेव चौधरी को अपनी पार्टी में मिलाकर पूरी कर दी.

वैसे, RLSP के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को दिल्ली से तीन दिनों के प्रवास से लौटने के बाद कहा कि उनकी अभी किसी दल से बात नहीं हो रही है, जो भी कयास लगाए जा रहे हैं, वह सही नहीं है. उल्लेखनीय है कि कुशवाहा के NDA में जाने के कयास लगाए जा रहे थे.

इस बीच, सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को कुशवाहा कुछ अंतिम निर्णय ले सकते हैं. सूत्र कहते हैं कि कुशवाहा अलग मोर्चा भी बना सकते हैं.

इधर, आरजेडी और कांग्रेस में भी सीटों को लेकर गुत्थी नहीं सुलझी है. सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी कांग्रेस को 58 विधानसभा सीट और वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट देने को तैयार है, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने अब तक इस फॉमूर्ले को लेकर हरी झंडी नहीं दी है. कांग्रेस के स्क्रीनिंग कमिटि के प्रमुख अविनाश पांडेय सभी 243 सीटों पर तैयार रहने की बात कहकर अपने तेवर दिखा चुके हैं.

इस बीच छोटे दलों का गठबंधन आकार ले रहा है. जन अधिकार पार्टी (जाप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सोमवार को यहां प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन (पीडीए) बनाने की घोषणा की. इस गठबंधन में चंद्रशेखर आजाद की अध्यक्षता वाली आजाद समाज पार्टी, एम के फैजी के नेतृत्व वाली सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसटीपीआई) और बी.पी. एल. 

मातंग की बहुजन मुक्ति पार्टी (बीएमपी) शामिल हुई है. पप्पू यादव कहते है कि यह गठबंधन राज्य में 30 सालों के महापाप को अंत करने के लिए बना है. इधर, जनता दल (राष्ट्रवादी) और भारतीय सबलोग पार्टी यूनियन डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) बनाकर चुनाव मैदान में है.

जनता दल राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय संयोजक अशफाक रहमान कहते हैं कि आज गठबंधन की राजनीति के अलावा दूसरा कोई उपाय नहीं है. क्षेत्र की समस्याओं को दिल्ली में बैठे लोग नहीं जान सकते, यही कारण है कि गठबंधन बन रहा है और सफल हो रहा है. उन्होंने कहा कि यूडीए आज लोगों के सत्ता और विपक्षी दलों के विकल्प के रूप में उभरा है.
Input:-IANS