बिहार: राहत कैंप नहीं चलने से नाराज ग्रामीणों का हंगामा, सीओ समेत कर्मियों का किया घेराव

जिस कारण बाढ़ में फंसे लोग आवश्यक सामग्री खरीदने कहीं आ-जा भी नहीं सकते हैं. राहत सामग्री के रूप में तिरपाल भी पर्याप्त रूप से जरूरतमंदों के बीच वितरण नहीं किया गया है.

बिहार: राहत कैंप नहीं चलने से नाराज ग्रामीणों का हंगामा, सीओ समेत कर्मियों का किया घेराव
बिहार: राहत कैंप नहीं चलने से नाराज ग्रामीणों का हंगामा, सीओ समेत कर्मियों का किया घेराव.

छपरा: बिहार के छपरा जिले में राहत कैंप नहीं चलने से नाराज आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने अस्थायी अंचल कार्यालय में जमकर हंगामा किया. इतना ही नहीं नौबत यहां तक आ गई कि गांववालों ने सीओ को भला-बुरा कहते हुए बाढ़ राहत कार्य में लगे कर्मियों को भी घेर लिया.

मामला छपरा के तरैया गांव का बताया जा रहा है जहां राहत शिविर नहीं चलने से नाराज बाढ़ पीड़ितों ने शनिवार को खूब हंगामा किया. प्रखण्ड के अस्थायी अंचल कार्यालय मध्य विद्यालय पचभिण्डा में पहुंचकर बाढ़ राहत कार्य में लगे कर्मियों का घेराव भी किया.

मिली जानकारी के मुताबिक तरैया, चैनपुर, पचभिंडा, भटगाई में सीओ की सूची के अनुसार कैम्प लगाया गया है. लेकिन बेहतर व्यवस्थाएं ही नहीं की गई है. कितने नाव सीओ के स्तर से चलाए जा रहे हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है. 

जिस कारण बाढ़ में फंसे लोग आवश्यक सामग्री खरीदने कहीं आ-जा भी नहीं सकते हैं. राहत सामग्री के रूप में तिरपाल भी पर्याप्त रूप से जरूरतमंदों के बीच वितरण नहीं किया गया है.

ग्रामीणों ने कहा कि तरैया पंचायत में 7 शिविर कागज पर चल रहे हैं. जबकि हकीकत यह है कि धरातल पर 3 ही कैम्प चल रहे हैं. सीओ ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि प्रखण्ड में 56 राहत कैम्प और 35 नाव चल रहे हैं.