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गढ़वा: चार सालों में नहीं हुआ शिक्षकों का सत्यापन, धरना-प्रदर्शन पर बैठे शिक्षक

इस मामले को लेकर धरना प्रदर्शन करने वाले शिक्षक कहते हैं कि सरकार और विभाग शैक्षणिक स्तर में सुधार ना होने को ले कर हमें लापरवाह बताती है लेकिन खुद की लापरवाही और उदासीनता उनकी नज़रों से ओझल है.  

गढ़वा: चार सालों में नहीं हुआ शिक्षकों का सत्यापन, धरना-प्रदर्शन पर बैठे शिक्षक
शिक्षकों की नियुक्ति की गई है लेकिन उनका सत्यापन और संपुष्टि नहीं की गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में जहां शैक्षणिक स्तर में सुधार के निमित विभाग खुद को भले तत्पर बताता है लेकिन विभाग की लापरवाही उसकी तत्परता बयां कर देती है. स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को भरने के उद्देश्य से शिक्षकों की नियुक्ति तो कर ली गई लेकिन आज चार साल गुज़रने को है अब तक ना तो उनका सत्यापन हुआ है और ना ही उनके सेवा की संपुष्टि हुई है. 

मंत्री और उपायुक्त के हाथों नियुक्ति पत्र लेते ये वो शिक्षक हैं जिनकी अभी हाल में ही नियुक्ति हुई है लेकिन विडंबना इस बात की है कि गुजरे साल 2015 में नियुक्त हुए सैकड़ों शिक्षकों का अब तक ना तो सत्यापन हुआ है और ना ही उनकी सेवा संपुष्टि हुई है. 

 

इस मामले को लेकर धरना प्रदर्शन करने वाले शिक्षक कहते हैं कि सरकार और विभाग शैक्षणिक स्तर में सुधार ना होने को ले कर हमें लापरवाह बताती है लेकिन खुद की लापरवाही और उदासीनता उनकी नज़रों से ओझल है.

उधर शिक्षकों के सेवा संपुष्टि नहीं होने की बात को स्वीकारते हुए उपायुक्त कहते हैं कि अब कार्य शुरू कर दिया गया है. जल्द ही उन सभी शिक्षकों का सत्यापन और सेवा संपुष्टि कर ली जाएगी.

अन्य सभी विभागों के साथ साथ शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सरकार को विशेष ध्यान देने की जरूरत है,क्योंकि आज धरना प्रदर्शन करने वाले शिक्षक कल कहीं हड़ताल ना कर दें जिससे बच्चों की पढ़ायी बाधित हो.