BPSC के पूर्व मेंबर रामाकिशोर सिंह के खिलाफ FIR, इंटरव्यू पास कराने के लिए लेते थे पैसे

विजिलेंस की टीम ने बीपीएससी के पूर्व मेंबर रामाकिशोर सिंह पर परीक्षा में पास कराने के एवज में घूस मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर लिया है

BPSC के पूर्व मेंबर रामाकिशोर सिंह के खिलाफ FIR, इंटरव्यू पास कराने के लिए लेते थे पैसे
बीपीएससी के पूर्व मेंबर पर लगा पैसे लेने का आरोप.

पटना: बिहार प्रशासनिक सेवा (BPSC) के पूर्व मेंबर रामाकिशोर सिंह पर विजिलेंस ने एफआईआर (FIR) दर्ज किया है. रामाकिशोर सिंह पर इंटरव्यू परीक्षा पास कराने के नाम पर 25 लाख रुपये घूस मांगने का आरोप है. विजिलेंस ने रामाकिशोर सिंह और उनके सहयोगी परमेश्वर राय से परीक्षा पास कराने के नाम पर मांगे जाने वाले घूस की पूरी बातचीत रिकॉर्ड किया है, जिसे एफएसएल (FSL) चंडीगढ़ ने सही करार दिया है. विजिलेंस के इस खुलासे ने बीपीएससी पर लगने वाले आरोपों पर मुहर लगा दी है.

बीपीएससी पर वर्षों से लगता आ रहा आरोप आज सही साबित होता नजर आ रहा है. विजिलेंस की टीम ने बीपीएससी के पूर्व मेंबर रामाकिशोर सिंह पर परीक्षा में पास कराने के एवज में घूस मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर लिया है. बीते 14 महीनों से विजिलेंस की टीम रामकिशोर सिंह को ट्रैप करने और मिले सबूतों को पुख्ता करने की रणनीति पर काम कर रही थी. पूरे मामले में दिलचस्प पहलू यह है कि जब रामाकिशोर सिंह को एफआईआर की जानकारी हुई तो उन्होंने 14 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

लाइव टीवी देखें-:

दरअसल 56वीं से 59वीं बीपीएससी परीक्षा के दौरान विजिलेंस को यह जानकारी मिली थी कि परीक्षा पास कराने के नाम पर रामाकिशोर सिंह कैंडिडेट से पैसे की डिमांड कर रहे हैं. विजिलेंस ने इसकी पुख्ता जानकारी के लिए अपनी टीम को रामाकिशोर सिंह के पीछे लगाया और मामला सही पाया गया. विजिलेंस की टीम को पता चला कि रामाकिशोर सिंह पैसे की डिमांड अपने सहयोगी परमेश्वर राय के जरिये कर रहे हैं. इसलिए विजिलेंस ने रामाकिशोर सिंह और परमेश्वर की बातचीत को रिकॉर्ड करने का फैसला लिया.

इसके लिए विजिलेंस ने अपनी टीम के एक सदस्य को कैंडिडेट बनाया. कैंडेडेट अपने सोर्सेज के हवाले से रामाकिशोर के करीबी परमेश्वर राय तक जा पहुंचा. इसके बाद परमेश्वर ने इंटरव्यू पास कराने के नाम पर कैंडिडेट से 24 लाख रामकिशोर सिंह को दिलाने और खुद के लिए एक लाख की डील पक्की कर ली. परमेश्वर राय ने दस मई 2018 को विजिलेंस की टीम के सदस्य को सुबह आठ बजे शास्त्रीनगर स्थित रामकिशोर सिंह के सरकारी आवास (B-3/65) के पास बुलाया.

रामाकिशोर सिंह के साथ बातचीत को रिकॉर्ड किया गया. इसके बाद विजिलेंस की टीम रामाकिशोर के पास सच्चाई जानने पहुंची तो उन्होंने पूरे मामले को गलत बताया. विजिलेंस की ओर से रिकॉर्ड की गई अपनी आवाज को रामाकिशोर सिंह ने छेड़छाड़ वाला आडियो क्लिप बताया. विजिलेंस की टीम को इस बात का अनुमान पहले से था. इसलिए विजिलेंस की टीम ने रामाकिशोर की आवाज को भी रिकॉर्ड कराया. टेंपरिंग के आरोप के कारण विजिलेंस ने रामाकिशोर की आवाज को जांच कराने के लिए चंडीगढ़ की एफएसएल की यूनिट में भेजा. यहां ऑडियो मैच कर गया. विजिलेंस सूत्रों की मानें तो इस दौरान रामाकिशोर सिंह ने मामला मैनेज कराने के लिए काफी हाथ पैर मारे. सियासी गलियारे के अपनी पहुंच का फायदा भी लेना चाहा. यहां तक की एडीजी विजिलेंस के पास भी पैरवी लगायी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी.

पूरे मामले पर जब आरोपी मेंबर रामकिशोर सिंह से बातचीत की तो उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि मेरे पूरे कार्यकाल में बीपीएससी ने ऐतिहासिक काम किया है. पूरे देश दुनिया में इस बात की चर्चा हो रही है. मैं शुरू से संघी हूं. मैं गलत काम नहीं कर सकता. वहीं, अपने इस्तीफे के मसले पर रामकिशोर सिंह ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर बदले हुए हालात में चलना चाहते हैं. साथ उन्होंने कहा कि कानून पर उनको पूरा भरोसा है.

रामाकिशोर सिंह के खुलासे ने पूरे बीपीएससी में हडकंप मचा दिया है. दीमक की तरह वर्षों से बीपीएससी के सिस्टम को बर्बाद करने में जुटे भ्रष्टाचारी खौफ में हैं. लेकिन अफसोस की बात यह है कि बीपीएससी पर मेहनतकश छात्रों की हकमारी का जो आरोप लगता रहा था, वह आज सच होता नजर आ रहा है.