हजारीबाग: मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा गांव, सरकार ने 'मुंह फेरा' तो ग्रामीणों ने किया कुछ ऐसा...

ग्रामीणो का कहना है कि सभी तरफ से मायूस होने के बाद आज हम पदना नदी से लेकर पूर्णा नदी के बीच लगभग 2 किलोमीटर सड़क निर्माण ग्रामीणों के श्रमदान से किया जा रहा है.

हजारीबाग: मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा गांव, सरकार ने 'मुंह फेरा' तो ग्रामीणों ने किया कुछ ऐसा...
ग्रामीणों ने खुद शूरू किया रोड निर्माण का काम. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग के इचाक प्रखंड के डाढ़ीघाघर पंचायत कुछ वर्षों से एकाएक काफी चर्चा में आ गया है. सबसे पहले लोकसभा चुनाव (Loksabha Chunav 2019) के दौरान यहां के ग्रामीणों के द्वारा वोट बहिष्कार की घोषणा के बाद सरकारी बाबूओं की दौड़ यहां लगी थी और काफी समझाने बुझाने पर लोगों ने मतदान किया था.

उस वक्त लोगों की मांग थी कि मूलभूत सुविधाओं से महरूम हमारे पंचायत को समाज के मुख्यधारा से जोड़ा जाए. गांव से शहर तक की सड़क बनवाई जाए. लेकिन चुनाव के बाद बात धरी की धरी रह गई, तब जाकर बाध्य होकर विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Chunav 2019) में भी ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार कर अपना विरोध जताया था. 

हालांकि, प्रशासन अपनी पूर्व भूमिका पर तैनात होते हुए पुनः आश्वासनों का पुलिंदा पकड़ते हुए वोटिंग तो ग्रामीणों से करवा ही ली. लेकिन इतने बात बढ़ने के कारण पेपरबाजी हो जाने के कारण हाईकोर्ट (High Court) ने स्वतः मामले को संज्ञान में लेकर अपनी टीम डाढ़ी घाघर पंचायत का मुआयना करने पहुंची थी. साथ में हजारीबाग के आला अधिकारियों ने भी इस गांव का दौरा किया. लेकिन आज तक इस पंचायत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आ सका.

ग्रामीणो का कहना है कि सभी तरफ से मायूस होने के बाद आज हम पदना नदी से लेकर पूर्णा नदी के बीच लगभग 2 किलोमीटर सड़क निर्माण ग्रामीणों के श्रमदान से किया जा रहा है. ग्रामीण राजेंद्र कुमार के अनुसार अब तक पाठशाला जाने के दौरान दो बच्चियां नदी पार करने में काल के गाल में समा चुकी हैं. वहीं, सड़क नहीं होने के कारण प्रसव पीड़ा से दो महिलाएं तड़पती हुई मौत के मुंह में जा चुकी हैं. लोग किसी तरह खाट के सहारे प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचते हैं जिससे उनका इलाज हो पाता है.

वहीं, दाढ़ी घाघर पंचायत की मुखिया सुमन देवी सरकार के छलावे से काफी आहत हैं और वह मांग करती हैं कि कम से कम इस पंचायत को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाए, जिसके तहत सड़क, पुल, पानी बिजली इन तक पहुंचाई जाए.