झारखंड: चुनाव से पहले सारंडा में 'लाल आतंक' ने पसारे पांव, एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या

नक्सलियों का आतंक यहीं खत्म नहीं हुआ. गांव के कई ग्रामीणों को घर से बाहर निकालकर लाठी डंडे और बन्दूक के कुंदे से पिटाई की. नक्सलियों की इस पिटाई में कई ग्रामीण घायल हुए हैं, जिसमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है. 

झारखंड: चुनाव से पहले सारंडा में 'लाल आतंक' ने पसारे पांव, एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या
देर रात 30 से 40 की संख्या में हथियारबंद नक्सलियों ने अचानक धमक दी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

चाईबासा: झारखंड में विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections 2019) की घोषणा हो चुकी है. सारंडा में एक बार फिर से नक्सलियों ने आतंक का माहौल बनाना शुरू कर दिया है. नक्सलियों ने सारंडा में एक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी है, जबकि कई अन्य को पीट-पीटकर घायल कर दिया. घायलों में से एक की हालत गंभीर है. घटना रविवार देर रात छोटानागरा थाना क्षेत्र के मरांगपोगा गांव की है.

बताया जाता है कि घोर नक्सल प्रभावित छोटानागरा थाना क्षेत्र के मरांगपोगा गांव में रविवार देर रात 30 से 40 की संख्या में हथियारबंद नक्सलियों ने अचानक धमक दी. उसके बाद नक्सलियों ने 35 वर्षीय सोहराय बहन्दा सहित एक अन्य ग्रामीण को बांधकर घर से निकाल सड़क पर ले गए. यहां दोनों की पिटाई की गयी. इसके बाद सोहराय बहन्दा की सिर में गोली मार उसकी निर्मम हत्या कर दी. दूसरा व्यक्ति किसी तरह नक्सलियों के चंगुल से अपना हाथ खोल भाग निकलने में सफल रहा.

नक्सलियों का आतंक यहीं खत्म नहीं हुआ. गांव के कई ग्रामीणों को घर से बाहर निकालकर लाठी डंडे और बन्दूक के कुंदे से पिटाई की. नक्सलियों की इस पिटाई में कई ग्रामीण घायल हुए हैं, जिसमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है. नक्सलियों का खौफ इतना है कि ग्रामीण पिटाई से घायल हैं, लेकिन अपना इलाज कराने के लिए बाहर नहीं निकल रहे. वहीं, सोहराय बहन्दा की लाश सड़क पर 24 घंटे तक पड़ी रही, लेकिन किसी की भी हिम्मत उसे उठाने की नहीं हुई. किसी तरह मृतक के परिजनों ने हिम्मत जुटाकर शव को घटनास्थल से उठाया और उसका अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह को किया.

ग्रामीण इस मामले में किसी को कुछ भी बताने और अपनी तस्वीर उतारने से मना कर रहे हैं. ग्रामीणों ने ऑफ कैमरा बताया कि नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर उनकी पिटाई की, जबकि सोहराय बहन्दा की गोली मारकर हत्या कर दी है. इस घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसर गया है. बताया जाता है कि पूरे इलाके में कई बड़े नक्सली नेता सैकड़ों की संख्या में अलग अलग दस्ता बनाकर घूम रहे हैं.

पूरे मामले पर जब जिले के एसपी इन्द्रजीत महथा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसी घटना की सूचना उन्हें मिली है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है. एसपी ने बताया कि इस घटना को लेकर अबतक किसी ग्रामीण ने मामला दर्ज नहीं किया है. आपको बता दें कि छोटानागरा घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है और मरांगपोगा दुरूह क्षेत्र में है, जहां लोगों से सम्पर्क साधना मुश्किल होता है.

एक सप्ताह में जिला में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो जाएगी. ऐसे में नक्सली ग्रामीणों की हत्या और पिटाई कर दहशत का माहौल कायम करने की जुगतत में हैं. ऐसे माहौल में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगी.