बिहार: गांव को Lockdown कर ग्रामीण हो रहे 'सुरक्षित'

एक ओर जहां बिहार के कई इलाकों में लोगों को कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए प्रशासन को सख्ती करनी पड़ रही है, वहीं बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के हरनाटांड पंचायत के गांवों में ग्रामीण खुद को ही 'लॉकडाउन' (Lockdown) कर रहे हैं.  

बिहार: गांव को Lockdown कर ग्रामीण हो रहे 'सुरक्षित'
लोगों ने बुधवार को अनोखी पहल शुरू कर दी है.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

बेतिया: एक ओर जहां बिहार के कई इलाकों में लोगों को कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए प्रशासन को सख्ती करनी पड़ रही है, वहीं बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के हरनाटांड पंचायत के गांवों में ग्रामीण खुद को ही 'लॉकडाउन' (Lockdown) कर रहे हैं.

इसके लिए ग्रामीण गांव में आने वाली सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग कर गांव में आने-जाने वाले सभी रास्तों पर पहरा बैठा दिया है. पश्चिमी चंपारण के सुदूरवर्ती थरूहट इलाके के हरनाटांड पंचायत के खजूरिया गांव के लोग गांव में आने वाली सभी तीन सड़कों पर अवरोधक लगा दिया है.

खजूरिया गांव के शिक्षक कृष्ण मोहन प्रसाद ने कहा कि मंगलवार की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के राष्ट्र के नाम संदेष में 21 दिनों तक पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद बुधवार को गांव वालों ने आपसी सहमति के बाद पूरे गांव को सील कर गांव के बाहर बोर्ड लगा दिया.

इसके साथ ही गांव के लोगों ने खुद के बाहर निकलने और किसी भी बाहरी के गांव में आने जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है. ग्रामीणों ने खजूरिया गांव को जोड़ने वाली सभी सड़कों को पर बल्ली (लकड़ी के बडे टुकड़े) और बांस लगाकर रोक लगा दी है तथा गांव के लोग वहां पाली बांटकर पहरा दे रहे हैं.

ऐसे लोगों को निर्देश है कि इमरजेंसी मेडिकल सुविधा और प्रशासन के लोगों और आवश्यक सामग्री को छोड़ किसी को भी आने जाने से रोके. हरनाटांड पंचायत के उपमुखिया ने मीडिया बताया, 'गांव में बैठक कर निर्णय लिया गया कि इस गांव में बाहरी लोगों का आवागमन पर रोक लगनी चाहिए और इसके लिए के लोगों ने बुधवार को अनोखी पहल शुरू कर दी है.'

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का मत है कि जब प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) आम जनता के लिए पहल कर रहे है, तो हमें भी उनका साथ देना चाहिए. इधर, खजूरिया गांव के भगीरथ प्रसाद भी कहते हैं कि इस पहल की पूरे पंचायत में तरीफ हो रही है.

उन्होंने कहा, 'इस गांव में करीब 150 घर हैं. अगर हम सभी अपने थोड़े से प्रयास से यहां के लोगों को सोशल डिस्टेनिंग कर सकते हैं. अगर सभी गांव के लोग ऐसा करें तो आसानी से कोरोना को हराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कई गांव भी इसके लिए बैठक कर निर्णय लेने वाले हैं.'

उल्लेखनीय है कि सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के सभी शहरी इलाकों में लॉकडाउन घोषित किया था. बाद में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी.

बिहार में अब तक कोरोना से संक्रमित छह लोगों की पहचान की गई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है. बिहार में अब तक कुल 1228 यात्रियों को सर्विलांस पर रखा गया, जिसमें सबसे ज्यादा गांपालगंज के 183 लोग शामिल हैं. इनमें से 162 लोग अपने 14 दिनों की अवधि पूरी कर ली है.