छपरा: बिजली तार की वजह से खतरे में पड़ा पेड़-जीवन, ग्रामीणों ने रूकवाया काम

एजेंसी को यह काम दिया गया था, उनके काम को ग्रामीणों ने पिछले 8 दिसम्बर को ही रूकवा दिया था. इसके बाद सहायक कार्यपालक अभियंता ने मौके पर पहुंचकर पुलिस बल मुहैया कराने की भी मांग की. ताकि एजेंसी समय से अपना काम कर सके.

छपरा: बिजली तार की वजह से खतरे में पड़ा पेड़-जीवन, ग्रामीणों ने रूकवाया काम
पेड़ और जीवन बचाने को लेकर ग्रामीणों ने रोका बिजली तार बिछाने का काम.

पटना: बिहार के छपरा जिले में मढ़ौर प्रखंड के इसरौली पियरपुरवां के लोग प्रशासन की लापरवाही से बेहद परेशान हैं. पियरपूरवा में 132 केवी बिजली लाइन का निर्माण कार्य होना है. बिहार राज्य की परियोजना के तहत इस लाइन का काम शुरू किया जाना था, लेकिन पियरपुरवां मे ये तार एक ग्रामीण इलाके से होकर गुजर रहा है जिसके नीचे दर्जनों घर और कई पेड़ हैं.  

जिस एजेंसी को यह काम दिया गया था, उनके काम को ग्रामीणों ने पिछले 8 दिसम्बर को ही रूकवा दिया था. इसके बाद सहायक कार्यपालक अभियंता ने मौके पर पहुंचकर पुलिस बल मुहैया कराने की भी मांग की. ताकि एजेंसी समय से अपना काम कर सके.

बता दें कि इस 132 केवी बिजली तार का लोग विरोध कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि इस तार के नीचे से कई घर और पेड़ होकर गुजर रहे है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. ग्रामीणों का कहना है कि काम कर रही एजेंसी 132 केवी बिजली का तार लगी रही है. साथ ही इस तार के रास्ते में उनका घर और बगीचा पड़ता है. बिजली तार के ऊपर से गुजरने से उन्हें अपने घर में कैद होना पड़ेगा. तार गुजरने से बड़े पेड़ों को भी काट दिया जाएगा.

लोगों का कहना है कि एक तरफ बिहार सरकार जल जीवन हरियाली पर फोकस कर रही है तो दूसरी तरफ गांव से तार गुजरने से सैकड़ों की संख्या में लोग और वृक्ष प्रभावित होंगे. पर्यावरण और जीवन के हिसाब से यह सही नहीं. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होनें अपनी शिकायत डीएम को दी है. डीएम ने मामले को लोक जन शिकायत में भेजा है. उन्होंने कहा कि पहले इसकी सुनवाई पूरी हो जाने दी जाए. जो भी निर्णय होगा उसके बाद ही काम शुरू होगा.
Anupama Jha, News Desk