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गोपालगंज: परंपरा के नाम पर अश्लीलता, विवादों के घेरे में आया महावीरी मेला

विवार की शाम 12 अखाड़ा समितियों ने महावीरी मेले का आयोजन किया था लेकिन यह आयोजन तब विवादों के घेरे में आ गया, जब मंच पर बार-बालाओं से अश्लील डांस कराया जाने लगा. मौके पर काफी तादाद में लोग जुटे थे. 

गोपालगंज: परंपरा के नाम पर अश्लीलता, विवादों के घेरे में आया महावीरी मेला
आस्था और परंपराओं के नाम पर अश्लीलता परोसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा.

गोपालगंज: प्रशासनिक प्रतिबंध के बाद भी बिहार के अलग-अलग जिलों से आस्था और परंपराओं के नाम पर अश्लीलता परोसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. इसी कड़ी में ताजा मामला आया है गोपालगंज के हथुआ इलाके से, जहां रविवार की शाम 12 अखाड़ा समितियों ने महावीरी मेले का आयोजन किया था लेकिन यह आयोजन तब विवादों के घेरे में आ गया, जब मंच पर बार-बालाओं से अश्लील डांस कराया जाने लगा.

मौके पर काफी तादाद में लोग जुटे थे. क्या बुज़ुर्ग,क्या बच्चे, क्या युवा. महफिल चढ़ती गई और ठुमके लगते गए. हैरानी की बात है कि यहां पर मौजूद लोगों में से किसी ने इस तरह के अश्लिल आयोजन पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, न ही कोई सवाल उठाया.

 

आपको बता दें कि गोपालगंज जिला प्रशासन की तरफ से कानून-व्यवस्था को लेकर महावीरी मेले में किसी भी तरह आर्केस्ट्रा और डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया गया है. लेकिन नियमों को ताक पर रखकर पूजा और परम्परा के नाम अश्लीलता परोसी गई. हथुआ ,रतनचक ,मछागर ,सोहागपुर , कोइरौली सहित दर्जन भर गांवों में महावीरी मेले के आयोजन के लिए 12 अखाडा समितियो को लाइसेंस दिया गया था. 

शर्त के मुताबिक सभी अखाडा समितियो को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में महावीरी अखाड़ा के आयोजन का निर्देश दिया गया था लेकिन एक बार फिर परम्परा के नाम अखाडा समितियों की तरफ से अश्लीलता सामने आयी है और भड़काऊ कपडों में सार्वजनिक रूप से आर्केस्ट्रा का आयोजन हुआ. 

महावीरी मेले में किसी भी तरह की अश्लीलता न परोसी जाए और आर्केस्ट्रा या डीजे का इस्तेमाल न हो, इसके लिए हथुआ एसडीएम ने लोगों के घरों में जाकर लोगों से अपील भी की थी, बावजूद आयोजकों ने इसकी परवाह किये बगैर सार्वजिक रूप से आर्केस्ट्रा का आयोजन कराया और एक बार फिर साबित कर दिया कि इन अखाड़ा आयोजकों के लिए नियम-कानून सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित है.
 Rashmi Kumari, News Desk