रांची नगर निगम में तुष्टिकरण की राजनीति की शिकायत लेकर JMM के पास पहुंचे वार्ड पार्षद, हुआ कुछ ऐसा

इसके बाद जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ये पार्षद कहीं न कहीं पिछली व्यवस्था से प्रताड़ित होकर यहां आए हैं. वार्ड पार्षद अपनी प्रस्ताव को लेकर नगर निगम पहुंचते हैं लेकिन इनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं होता है.

रांची नगर निगम में तुष्टिकरण की राजनीति की शिकायत लेकर JMM के पास पहुंचे वार्ड पार्षद, हुआ कुछ ऐसा
रांची नगर निगम में तुष्टिकरण की राजनीति की शिकायत लेकर JMM के पास पहुंचे वार्ड पार्षद, हुआ कुछ ऐसा.

रांची: झारखंड में रांची नगर निगम के 11 वार्ड के पार्षद अपनी समस्या को लेकर जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य से मिले. वार्ड पार्षदों ने कहा तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है नगर निगम में. अल्पसंख्यक और एसटी एससी इलाकों में निगम के द्वारा कामों की स्वीकृति नहीं मिल रही है.

उन्होंन कहा कि नागरिक सुविधा का केंद्र नगर निगम होता है. सभी धर्मों के लोग एक साथ होते हैं और सभी लोगों की बुनियादी जरूरतें होती हैं. जनप्रतिनिधियों का दायित्व होता हैं लोगों की जरूरतों को पूरा करें. 

इसके बाद जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य (Supriyo Bhattacharya) ने कहा कि ये पार्षद कहीं न कहीं पिछली व्यवस्था से प्रताड़ित होकर यहां आए हैं. वार्ड पार्षद अपनी प्रस्ताव को लेकर नगर निगम पहुंचते हैं लेकिन इनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं होता है.

यहां तक कि मेयर, डिप्टी मेयर, अभियंता द्वारा इनके प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाता है. जनता अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए वोट करते हैं. जो लोग स्लम एरिया, घनी आबादी में रहते हैं उनकी जरूरतें पूरी नहीं होती हैं. ऐसे वार्ड में योजनाएं रोकी जाती हैं जहां अल्पसंख्यक जनप्रतिनिधि होते हैं.

जेएमएम नेता ने कहा कि हम मांग करते हैं विगत पांच वर्षों का ऑडिट किया जाए. मेयर और डिप्टी मेयर की संलिप्तता की जांच हो. साथ ही तत्कालीन नगर विकास मंत्री डिस्लेरी तलाब को सुखाकर अपने बेटे को लाभ पहुंचाया है, इसकी भी जांच हो.

उन्होंने कहा कि मेयर, डिप्टी मेयर ने नगर निगम को नरक निगम बना दिया है. अपनी बातों को रखने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे. उन्होंने यह दावा किया कि रांची नगर निगम के खिलाफ यह आरपार की लड़ाई होगी. मेयर डिप्टी मेयर को सुधारना पड़ेगा या उतरना पड़ेगा.