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बिहार: मुंगेर में गंगा का जलस्तर स्थिर, लेकिन बाढ़ से सैकड़ों गांव प्रभावित

बुधवार को गंगा का जलस्तर 39.56 सेंटीमीटर दर्ज किया गया लेकिन जिले में अब भी बाढ़ की स्थिति से प्रभावित लोग बेहाल हैं. जानमाल की रक्षा के लिए प्रभावित क्षेत्र के लोग सुरक्षित स्थानों की और पलायन कर रहे हैं. 

बिहार: मुंगेर में गंगा का जलस्तर स्थिर, लेकिन बाढ़ से सैकड़ों गांव प्रभावित
बुधवार को गंगा का जलस्तर 39.56 सेंटीमीटर दर्ज किया गया.

मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है. लेकिन अब भी जिले में गंगा नदी खतरे के निशान से लगभग 23 सेंटीमीटर से ऊपर से बह रही है. बुधवार को गंगा का जलस्तर 39.56 सेंटीमीटर दर्ज किया गया लेकिन जिले में अब भी बाढ़ की स्थिति से प्रभावित लोग बेहाल हैं. जानमाल की रक्षा के लिए प्रभावित क्षेत्र के लोग सुरक्षित स्थानों की और पलायन कर रहे हैं. वही, बाढ़ के पानी से जिले के छह प्रखंड से 18 पंचायत के सैकड़ो गांव प्रभवित हैं लेकिन जिला प्रसाशन द्वारा अब भी प्रभावित क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाई है.

वहीं, धरहरा प्रखंड के तीन पंचायत गंगा किनारे सटे हेमजापुर वाहाचोकी और शिवकुण्ड गांव के आधे दर्जन गांव में एक सप्ताह से बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है. इन पंचायतों के गावों के घरों के अंदर पानी के प्रवेश करने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुबह की दिनचर्या से लेकर लोगों के खाने पीने और सोने तक की परेशानी हो रही है. 

जिनके पास छत है वो छत पर पॉलीथीन डालकर गुजर बसर कर रहे हैं. शेष लोग मवेशियों के साथ सगे संबंधियों के घरों में डेरा डाले हुए हैं. कुछ लोग चोरी की आशंका से घर नहीं छोड़ रहे हैं और चौकी पर डेरा डालकर पानी घटने का इंतजार कर रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से अबतक बाढ़ पीड़ितों के लिए नाव के आलावा कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है.

वहीं, लोगों का कहना है कि गांव में अधिकारी आते हैं मुआयाना करते हैं और चले जाते हैं. राहत के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है. ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों को शिकायत के बावजूद भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली सिथति गंभीर बनी हुई है. आधी रात में जाकर बिजली के दर्शन होते हैं. बिषैले जीवों के भय से लोग मोमबत्ती जलाकर रात बीता रहे हैं.

-- Palak Sharma, News Desk