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पटना: जलजमाव बना नासूर, दीपावली में भी बाजारों से रौनक गायब

चांदनी चौक पटना का सबसे बड़ा बिजली उपकरणों का बाजार माना जाता है. दीपावली के वक्त यहां दुकानदारों को लाखों रुपये की कमाई होती थी. लेकिन इस बार के हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं.

पटना: जलजमाव बना नासूर, दीपावली में भी बाजारों से रौनक गायब
दीपावली में भी बाजार में रौनक नहीं दिखाई पड़ रही है. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के पटना का जलजमाव न केवल पटनावासियों के लिए नासूर बन गया बल्कि व्यापारियों को भी इससे खासा नुकसान हुआ है. दुर्गा पूजा पर जहां व्यापार मंदा था. वही दीपावली में भी बाजार में रौनक नहीं दिखाई पड़ रही है.

पटना के बोरिंग रोड में दुकान चलाने वाले अरुण कुमार कहते हैं कि जलजमाव के कारण दस दिनों तक उनकी दुकान बंद रही.जलजमाव के बाद उम्मीद थी की, ग्राहक आएंगे लेकिन अभी नहीं आ रहे हैं.ये कहानी सिर्फ अरुण कुमार की ही नहीं है. बल्कि सभी व्यापारियों का कमोबेश यही आलम है. त्योहारों के मौके पर कपड़ों की दुकानों में जो चहल- पहल दिखती थी, वो भी नहीं दिखाई दे रही है.

दीपावली के वक्त पटना के जिस चांदनी चौक बाजार में सबसे ज्यादा रौनक देखने को मिलती थी वो भी सूना पड़ा है. चांदनी चौक पटना का सबसे बड़ा बिजली उपकरणों का बाजार माना जाता है. दीपावली के वक्त यहां दुकानदारों को लाखों रुपये की कमाई होती थी. लेकिन इस बार के हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं.

व्यापारियों की माने तो जलजमाव और जिलों में आई बाढ का खामियाजा उन्हें भुगतान पर रहा है. चांदनी चौक बाजार का सामान बिहार से लेकर झारखंड तक जाता है. लेकिन पानी ने व्यसाईयों की पूरी कहानी को ही चौपट कर दिया है.

बिहार के जाने माने व्यवसायी पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सत्यजीत सिंह भी दीपावली के वक्त बिहार के बाजार पर मायूसी के संकट से परेशान हैं. सत्यजीत सिंह की माने तो बीते तीन सालों का रिकार्ड देखा जाय तो दीपावली के वक्त पटना का बाजार औसत 400 करोड का रहा है. लेकिन इसबार ऐसे बाजार की उम्मीद नहीं है. बाजार पर 20 से 25 फीसदी का उतार देखने को मिल सकता है. 

गौरतलब है कि बीते साल दीपावली के वक्त पटना का बाजार साढे 5 सौ करोड का था. पटना में कार का बाजार 100 करोड का रहा था. वहीं 55 करोड की बाइक बिकी थी. जबकि 200 करोड के ज्वेलरी बिके थे. इलेक्ट्रानिक सामान 100 करोड और रियल स्टेट में 50 करोड का इन्वेस्टमेंट हुआ था.