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मुंगेर: श्रद्धालु नवरात्र में नहीं कर पाए मां चंडिका के दर्शन, गर्भ गृह में भरा 6 फीट तक पानी

नवरात्र में मां के गर्भ गृह में पानी भरा हुआ. लेकिन तब छठे दिन पूजा के बाद श्रद्धालु मां का दर्शन कर पाए लेकिन पहली बार ऐसा देखने को मिला है की इस साल नवरात्रा के अष्टमी में मां के गर्भ गृह में गंगा का पानी है.

मुंगेर: श्रद्धालु नवरात्र में नहीं कर पाए मां चंडिका के दर्शन, गर्भ गृह में भरा 6 फीट तक पानी
मंदिर के गर्भ गृह में अभी भी 5-6 फीट तक पानी है.

मुंगेर: 52 शक्तिपीठ में से एक बिहार के मुंगेर मां चंडिका जंहा आज भी श्रद्धालु का दर्शन नहीं कर पाए. वहीं, श्रद्धालु मुख्य गेट पर से पूजा कर लौट रहे हैं. मां के दर्शन नहीं होने से श्रदालुओ में मायूसी है. मंदिर के गर्भ गृह में अभी भी 5-6 फीट तक पानी है. 

मंदिर के पुजारी की माने तो 1971 के बाद 2019 में दूसरी बार ऐसा हुआ है कि नवरात्रा में मां के गर्भ गृह में पानी भरा हुआ. लेकिन तब छठे दिन पूजा के बाद श्रद्धालु मां का दर्शन कर पाए लेकिन पहली बार ऐसा देखने को मिला है की इस साल नवरात्रा के अष्टमी में मां के गर्भ गृह में गंगा का पानी है.

आपको बता दें कि यहां माता सती की बाईं आंख की पूजा होती है. मान्यता है कि जब विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के 52 टुकड़े किए तो उनका बायां नेत्र यहीं गिरा था. इसके साथ ही द्वापर युग में राजा कर्ण और विक्रमादित्य के कथाओं में भी चंडीस्थान का जिक्र है. यहां आंखों के असाध्य रोग से पीड़ित लोग पूजा करने आते हैं और काजल लेकर जाते हैं.

नवरात्र के नौ दिन यहां मां की पूजा धूम धाम से होती है और शहर सहित आस-पास के जिलों के श्रद्धालु नवरात्र में जल चढ़ाने के आते है. लेकिन इस साल नवरात्र में गर्भ गृह और मंदिर प्रागण में बाढ़ का पानी रहने के कारण जिला प्रसाशन ने मदिर को बंद कर दिया और मुख्य गेट पर श्रद्धालुओं को पूजा करने का आदेश जारी किया. 
वहीं, नवरात्रा में सप्तमी अष्टमी और नवमी के दिन लाखों श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंचते थे लेकिन इस बार ऐसा है हुआ है. मंदिर के मुख्य गेट पर पूजा कर श्रद्धालू मायुस होकर लौट रहे हैं.