बारिश के बाद पटना के कई इलाकों में जलजमाव के हालात, बढ़ रहे डेंगू के मरीज

 पीएमसीएच में डेंगू के रोजाना नए मरीजों की भर्ती होने के बीच बारिश लोगों के लिए नई परेशानी खड़ी कर रही है. पिछले हफ्ते सोमवार-मंगलवार की बारिश और फिर कल हुई बारिश ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है. 

बारिश के बाद पटना के कई इलाकों में जलजमाव के हालात, बढ़ रहे डेंगू के मरीज
पीएमसीएच में डेंगू के रोजाना नए मरीजों की भर्ती होने के बीच बारिश लोगों के लिए नई परेशानी खड़ी कर रही है.

पटना: बिहार के पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल यानि पीएमसीएच में डेंगू के रोजाना नए मरीजों की भर्ती होने के बीच बारिश लोगों के लिए नई परेशानी खड़ी कर रही है. पिछले हफ्ते सोमवार-मंगलवार की बारिश और फिर कल हुई बारिश ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है. निचले और स्लम इलाके की बात दो दूर वीआईपी इलाके में भी जलजमाव बरकरार है.

पटना नगर निगम में पाटलिपुत्र कॉलोनी, न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी,श्रीकृष्णपुरी कॉलोनी वीआईपी इलाके में शामिल है लेकिन यहां जलजमाव की स्थिति गंभीर है.सबसे खराब हालात पाटलिपुत्र कॉलोनी के हैं जहां के कुछ हिस्से टापू के तौर पर तब्दील हो गए हैं. इस इलाके में काफी संख्या में सरकारी बिल्डिंग, संस्थान, अस्पताल और स्कूल हैं लेकिन यहां पिछले छह दिनों से जलजमाव है.

 

घरों में नाला का पानी घुस आया है.स्थानीय लोगों के मुताबिक,नाले की सफाई ठीक ढंग से नहीं हुई और पिछले कई सालों से इसके हालात इसी तरीके से हैं. इसके अलावा करबिगिहिया, कदमकुआं का कांग्रेस मैदान में भी जलजमाव की भीषण समस्या देखी जा रही है. पटना नगर निगम ने इस बार बारिश से पहले जलजमाव को लेकर पुख्ता इंतजाम का दावा किया था. 

कहा गया था कि हर वार्ड में नालों की उड़ाही होगी और इसके लिए सभी 75 वार्डों को मोटी रकम भी दी गई लेकिन नालों की उड़ाही के नाम  पर सिर्फ औपचारिकता की गई. हालांकि पटना में राजेन्द्र नगर में मोइनुल हक स्टेडियम, कंकड़बाग सहित दूसरे इलाके में जलजमाव नहीं है लेकिन राजधानी के कई हिस्सों में जलजमाव से अब लोगों को डेंगू का डर भी सताने लगा है.

पटना नगर निगम में जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार के मुताबिक,कुछ इलाकों में जरूर जलजमाव हुआ है लेकिन इस बार की स्थिति पिछले कई सालों से अलग है. हम गंभीरता से काम कर रहे हैं.डेंगू के लिए भी तैयारी की गई है. पटना के कुछ हिस्सों में बारिश होने के बाद जलजमाव की स्थिति निपटा ली गई लेकिन जिस नगर निगम का बजट 4 हजार 64 करोड़ का हो वहां के लोग जलजमाव का सामना करें,ये किसी भी लिहाज से सही नहीं कहा जा सकता है.