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बेतिया से एक बड़ी खबर आ रही है. चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर रॉय के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से ठगी करने वाले साइबर अपराधी को पुलिस ने पकड़ लिया है. यह अपराधी राजस्थान के अलवर जिले से ताल्लुक रखता है और उसका नाम तस्लीम खान है. पुलिस ने बताया कि इस शख्स ने डीआईजी के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया था और उससे लोगों को झांसा देकर पैसे ऐंठ रहा था. इस मामले में बेतिया के साइबर थाने में कांड संख्या 52/25 दर्ज किया गया था. तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठग राजस्थान के अलवर में छिपा हुआ है. बेतिया के एसपी डॉक्टर शौर्य सुमन ने तुरंत एक टीम बनाकर राजस्थान भेजी और वहां से अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस की टीम ने अलवर जिले में छापेमारी की और तस्लीम खान को धर दबोचा. उसके पास से एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए गए, जो ठगी के काम में इस्तेमाल हो रहे थे. साइबर थाने के डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी को अब जेल भेज दिया गया है. यह कार्रवाई काफी तेजी से की गई, जिससे साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिली है. पुलिस ने यह भी कहा कि ऐसे फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी करने वाले लोग अक्सर अलग-अलग राज्यों में छिपे रहते हैं, लेकिन तकनीकी मदद से उन्हें ट्रैक करना अब आसान हो गया है. बेतिया पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और टीम ने राजस्थान जाकर सफलतापूर्वक ऑपरेशन पूरा किया.
गिरफ्तार साइबर ठग तस्लीम खान राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ इलाके का निवासी है. वह चंपारण रेंज के डीआईजी के नाम का इस्तेमाल करके लोगों को विश्वास में लेता था और फिर उनसे पैसे मांगता था. पुलिस जांच में पता चला कि वह फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर मैसेज भेजता था और लोगों को किसी न किसी बहाने से ठगता था. ऐसे अपराधी अक्सर सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हैं और अधिकारियों के नाम पर लोगों को डराते या लालच देकर फंसाते हैं. इस मामले ने दिखाया कि साइबर क्राइम कितना फैल चुका है और लोग कितनी आसानी से फंस जाते हैं. पुलिस ने अपराधी के मोबाइल और सिम से और भी सबूत जुटाए हैं, जो आगे की जांच में काम आएंगे.
बेतिया पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें. उन्होंने एक हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है, जहां ठगी होने पर तुरंत कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. साथ ही, साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर मेल आईडी भी उपलब्ध है. पुलिस ने कहा कि अनजान नंबरों से आने वाले कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और फ्रॉड की जानकारी तुरंत साइबर थाने को दें. डीएसपी गौतम शरण ओमी ने बताया कि ऐसे मामलों में जागरूकता बहुत जरूरी है और लोग खुद को सुरक्षित रखें. पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों पर नजर रख रही है और जनता की मदद से उन्हें पकड़ना आसान होता है. इस घटना से सबक लेकर लोग सोशल मीडिया पर सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध अकाउंट की रिपोर्ट करें.
पुलिस की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तस्लीम खान ने कितने लोगों को ठगा और उसके साथ कितने अन्य लोग जुड़े हुए हैं. बेतिया पुलिस ने आम लोगों से कहा कि वे किसी भी अधिकारी के नाम पर आने वाले मैसेज की जांच जरूर करें और बिना पुष्टि के पैसे न दें.
इनपुट- धनंजय द्विवेदी