Bagaha News: बिहार के बगहा से बड़ी खबर सामने आई है, जहां सीमावर्ती नेपाल में हुई मूसलाधार वर्षा के बाद इलाके की पहाड़ी नदियों में अचानक उफान आ गया. जिसके बाद इलाके में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए. दरअसल, एकाएक नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बुधवार को बगहा 2 प्रखंड के नौरंगिया दरदरी गांव स्थित मनोर नदी का बांध टूटने से भारी तबाही मची, हालांकि प्रशासन इसे नदी का धारा परिवर्तन होने के कारण हुईं तबाही मान रहा है.
आलम यह है कि नदी का पानी सीधा गांव की ओर तेज वेग में घुसने लगा नतीजतन दर्जनों घर सैलाब में जलमगन हो गए, जबकि बाढ़ के कारण कई कच्चे पक्के मकान भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गए, लिहाजा घटना की सूचना पाकर तत्काल बगहा 2 सीओ रवि प्रकाश चौधरी दल बल के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे. जिसके बाद बाढ़ पीड़ितों में प्रशासन द्वारा राहत और खाद्य सामग्रीयां बांटी गईं. जबकि कच्चे क्षतिग्रस्त बांध का फिलहाल मरम्मत करवाने की क्वायद भी शुरू की गईं.
वहीं बरसात बाद पक्के बांध बनवाने का भी सीओ द्वारा भरोसा दिलाया गया है. बताया जा रहा है की सैलाब के सितम में दरदरी का पूरा गांव प्रभावित हुआ है, किसानों की फसलें नष्ट हो गईं हैं, तो गांव की सड़कों में दरार आ गया है. लिहाजा अब पीड़ित परिवार सरकार और प्रशासन से क्षतिपूर्ति का आंकलन कर मुआवजा की मांग कर रहे हैं. इधर बगहा 2 अंचल के ही लौकरिया थाना अंतर्गत भड़छी पंचायत स्थित झकेरी नदी में स्नान करने गए 22 वर्षीय युवक शैलेश कुमार, पिता धर्मेंद्र राम, ग्राम जरार गहरे पानी के बीच डूब गए. लिहाजा सूचना पर जिला प्रशासन के निर्देश पर अंचलाधिकारी बगहा 2 और SDRF की टीम नें रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया नतीजतन आज युवक का शव बरामद किया गया है.
अब शव का पोस्टमार्टम समेत मुआवजे की कवायद में खुद सीओ रवि प्रकाश चौधरी जुटे हुए हैं. वहीं मौसम विभाग ने अभी भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, जबकि जिला प्रशासन ने नदी समेत बांधों की सतत निगरानी के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को अलर्ट मोड में रहने का भी निर्देश दिया है. लिहाजा दियारा के निचले इलाकों और नदी तट के ग्रामीणों से गहरे पानी में नहीं जाने के साथ ऊंचे व सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की जा रही है.
बता दें कि पहाड़ी नदियों का स्वभाव है कि भारी बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और बारिश रुकते ही जलस्तर सामान्य होनें लगता है, लेकिन पानी का वेग और करंट अधिक रहता है, यही वजह है कि दरदरी गांव तहस नहस हो गया. सीओ ने आगे बताया कि जब बारिश रुक गई है, तो गांव से पानी धीरे-धीरे निकल रहा है. फिलहाल 133 घर प्रभावित हुए हैं, जबकि 3-4 लोगों के घर गिरे हैं और एकाद मवेशी बाढ़ में बहे हैं. जिसके लिए राहत पहुंचाई जा रही है.
उधर नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बराज नियंत्रण कक्ष द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, गुरुवार को 180,000 (एक लाख अस्सी हज़ार) क्यूसेक सार्वधिक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया है जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है. इसलिए निचले इलाकों में रहने वालों से सावधानी बरतने की खास अपील कि जा रही है. आपदा की घड़ी से निपटने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला तैयार है.
इनपुट- इमरान अज़ीज़
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