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Bihar News: बिहार ने जैव विविधता और आर्द्रभूमि संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. राज्य के बक्सर जिले में स्थित गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर) और पश्चिम चंपारण जिले की उदयपुर झील (319 हेक्टेयर) को रामसर साइट का दर्जा मिल गया है. उदयपुर झील एक प्राकृतिक ऑक्सबो झील है. यह झील उत्तर और पश्चिम से उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य के घने जंगलों से घिरी हुई है और आसपास के गांवों के लिए भी महत्वपूर्ण है. यहां 280 से अधिक वनस्पति प्रजातियां पाई जाती हैं और लगभग 35 प्रवासी पक्षियों के लिए यह शीतकालीन ठिकाना है. इनमें असुरक्षित श्रेणी की कॉमन पोचार्ड जैसी प्रजातियाँ भी शामिल हैं, जो इस स्थल की पारिस्थितिकीय महत्ता को दर्शाती हैं.
संजय जायसवाल ने किया पोस्ट
उदयपुर झील को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा- चंपारण के लिए और बड़ा ऐलान! मेरे लोकसभा क्षेत्र के सरेयामन झील को विश्व के रामसर स्थान में जगह मिला है. यह हमारी सतत मेहनत का नतीजा है. विगत वर्षों में काम करने वाले सभी वन अधिकारियों को धन्यवाद. रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलना काफी बड़ी बात है. मैं पीएम मोदी और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र को बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इस उदयपुर पक्षी विहार के लिए ट्वीट किया है. यह सम्मान बिहार और चंपारण की प्राकृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है.

'रामसर स्थलों की संख्या में एशिया में पहले नंबर पर भारत'
बता दें कि गोकुल जलाशय और उदयपुर झील को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया था. उन्होंने लिखा- शाबाश बिहार! भारत ने बिहार में दो नए रामसर स्थलों - बक्सर ज़िले में गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर) और पश्चिम चंपारण ज़िले में उदयपुर झील (319 हेक्टेयर) - को जोड़कर आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मज़बूत किया है. उन्होंने आगे कहा कि इससे कुल 93 रामसर स्थल हो गए हैं, जिनका क्षेत्रफल 13,60,719 हेक्टेयर है, जो जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन और सतत आजीविका के लिए अपने समृद्ध आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के भारत के संकल्प को दर्शाता है. पीएम मोदी का जिक्र करते हुए मंत्री ने आगे लिखा- पीएम मोदी के मार्गदर्शन में, भारत कुल रामसर स्थलों की संख्या के मामले में एशिया में पहले और दुनिया में तीसरे स्थान पर बना हुआ है.
पूरे भारत के लिए गर्व की बात- PM मोदी
भूपेंद्र यादव के इस पोस्ट को पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया. उन्होंने लिखा- बहुत अच्छी खबर! आर्द्रभूमियां सतत विकास के लिए बेहद जरूरी हैं. बिहार के लोगों की विशेष सराहना, जो अपने विचारों और कार्यों से पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. बता दें कि गोकुल जलाशय और उदयपुर झील को रामसर स्थल घोषित करना न केवल बिहार, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है. यह कदम आर्द्रभूमि संरक्षण में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और स्थानीय समुदायों की आजीविका, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के संरक्षण में सहायक साबित होगा. बिहार अब ऐसे पांच रामसर स्थलों का घर बन चुका है, जो राज्य की पर्यावरणीय नीति और संरक्षण प्रयासों को मजबूत और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

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