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रांची: एक ही कमरे में 6 महीनों से बहू को बना रखा था बंधक, महिला आयोग ने कराया मुक्त

विवाहिता के पति पर बार-बार दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाया जा रहा है. विवाहिता की माने तो मानसिक और शारीरिक रूप से उन्हें परेशान किया गया है जिससे वो डिप्रेशन में चली गई है.

रांची: एक ही कमरे में 6 महीनों से बहू को बना रखा था बंधक, महिला आयोग ने कराया मुक्त
राज्य महिला आयोग की टीम मौके पर पहुंची तो घटना को सही पाया.

रांची: झारखंड  (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) में मानवता को शर्मसार करने वाली एक और वारदात सामने आई है. विवाहिता को ससुराल वालों ने पिछले छह महीने से एक कमरे में बंद कर के  रखा था. राज्य महिला आयोग की टीम को एक सप्ताह पहले सूचना मिल रही थी कि मोराबादी इलाके में ससुराल वालों ने अपने ही बहू को एक कमरे में बंद कर रखा है और बासी खाना उसे खाने के लिए कमरे में ही दिया जा रहा है.

जब बुधवार को राज्य महिला आयोग की टीम वहां पहुंची तो इस घटना को सही पाया और उस विवाहिता को मुक्त कराया गया. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी सरन ने कहा कि हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और सभी दोषियों को हम जल्द से जल्द सजा दिलाएंगे. विवाहिता के पति पर बार-बार दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाया जा रहा है. विवाहिता की माने तो मानसिक और शारीरिक रूप से उन्हें परेशान किया गया है जिससे वो डिप्रेशन में चली गई है.

 

मिली जानकारी के अनुसार महिला की शादी 2018 में हुई है और शादी के बाद ही उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. युवती ने कहा कि उसे बार-बार बोला जाताथा कि तुम मेरे बेटे लायक नहीं हो. मुझे तीन बार दिल्ली ले गए और वहां वहां से वापस यहां ले आए. पीड़िता ने बताया कि पिछले 6 महीने से एक ही रूम में रह रही है और उसे दो वक्त का खाना दिया जाता है.

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी सरन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले एक सप्ताब से हमारे पास शिकायत आ रही थी कि एक लड़की को बंधक बनाकर रखा गया है. ये परिवार बड़े ही सभ्य परिवार के हैं और लड़की भी पढ़ी लिखी है और स्कूल में पढ़ाती है.

साथ ही महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि अभी स्थिति ये है कि 6 महीने से इस लड़की को बंधक बनाकर रखा जा रहा था. जब हम यहां अचानक पहुंचे तो हमें भी 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा. जब इसके रूम में गए तो इसका एक कपड़ा बाथरूम में भीगा पड़ा और एक थाली खाना 24 घंटे में दो बार दिया जाता है और जरूरत का सामान भी नहीं दिया जाता है.