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लापरवाही: बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद भी गर्भवती हो गई महिला, पीड़ित ने की शिकायत

दंपति अब सरकार से मुआवजे की उम्मीद कर रहा है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को आवेदन दिया गया है.

लापरवाही: बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद भी गर्भवती हो गई महिला, पीड़ित ने की शिकायत
दंपति ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शशांक, पटना : बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद भी महिला के गर्भवती होने का मामला सामने आया है. यह मामला बिहार की राजधानी पटना के बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है. सुनील कुमार की पत्नी मंजूषा देवी का बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 9 अक्टूबर 2018 को बंध्याकरण ऑपरेशन हुआ था. ऑपरेशन के बाद भी मंजूषा देवी गर्भवती हो गई. अब 9 महीने का बच्चा उसके गर्भ में है.

सुनील कुमार का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही का खामियाजा उसके परिवार को उठाना पड़ रहा है. दंपति की पहले से तीन संतान हैं. उनका अच्छे से पालन-पोषण हो सके इसीलिए उन्होंने बंध्याकरण ऑपरेशन का रास्ता अख्तियार किया था, लेकिन चौथे बच्चे के आने से उनकी परिवार की दिक्कतें बढ़ जाएंगी. दंपति अब सरकार से मुआवजे की उम्मीद कर रहा है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को आवेदन दिया गया है.

वहीं, बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुरेन्द्र कुमार चौधरी इस मामले को लापरवाही नहीं मान रहे हैं. उनका कहना है कि बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई सर्जन नहीं है लिहाजा फुलवारीशरीफ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉ महेश प्रसाद बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आकर बंध्याकरण ऑपरेशन करते हैं. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के मुताबिक, इस तरह के ऑपरेशन में कभी-कभी इस तरह की घटना हो जाती है, हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित की शिकायत सरकार के पास भेज दी जाएगी और प्रावधान के हिसाब से आगे जो भी मुनासिब होगा वो किया जाएगा.

बढ़ती आबादी को थामने के लिए सरकार तरह-तरह के उपाय कर रही है, मुफ्त बंध्याकरण ऑपरेशन के साथ मरीज को आर्थिक सहयोग देना भी ऐसा ही एक उपाय है लेकिन इसे लेकर अस्पतालों में बरती जा रही लापरवाही, मकसद की सफलता को लेकर सवाल उठा सकती है. सवाल ये भी है की बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान हुई इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी होगी और पीड़ित पर पड़ने वाले बोझ की भरपाई कैसे होगी?