close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर पटना में कार्यशाला का आयोजन, टॉप 100 में आने की होगी कोशिश

 स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पटना नगर निगम ने भी अपनी वेबसाइट पर सिटी प्रोफाइल अपलोड कर दिया है.

स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर पटना में कार्यशाला का आयोजन, टॉप 100 में आने की होगी कोशिश
बिहार सरकार में नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा.

पटना : बिहार की राजधानी पटना स्थित गांधी मैदान से सटे ज्ञान भवन में स्वच्छता को लेकर बुधवार को कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा. वर्कशॉप में नगर निकायों के प्रतिनिधि, मेयर, डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल होंगे. इस कार्यशाला के जरिए बिहार (Bihar) के शहरों को भी देश के साफ-सुथरे शहरों की लिस्ट में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है.

दरअसल, स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पटना नगर निगम ने भी अपनी वेबसाइट पर सिटी प्रोफाइल अपलोड कर दिया है. बिहार के कई शहरों में साफ सफाई के लिए बेहतर काम जरूर हुआ है, लेकिन कागजी प्रक्रिया मजबूत न होने के कारण पटना जैसे शहर भी साफ-सुथरे शहरों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं.

इस कार्यशाला में पटना सहित बिहार के दूसरे नगर निकाय, निगमों में सफाई की व्यवस्था कैसे मजबूत की जाए और पब्लिक फीडबैक और डॉक्यूमेंटेशन किस तरह से बेहतर किया जाए इस पर चर्चा की जाएगी. बिहार सरकार में नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा के मुताबिक, ऐसा नहीं कि बिहार में साफ सफाई को लेकर काम नहीं हुआ है, लेकिन यहां के नगर डॉक्यूमेंटेशन के मामले में पिछड़ गए. अब 18 सितंबर को होने वाले वर्कशॉप में इस पर चर्चा की जाएगी.

पिछली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना 321वें स्थान से खिसकर 318वें स्थान पर गया था. बता दें कि स्वच्छता सर्वेक्षण में भारत सरकार ने मुख्य रूप से चार मापदंड तय किए हैं. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, पब्लिक टॉयलेट्स, ओडीएफ, हाउस होल्ड टॉयलेट्स.

लाइव टीवी देखें-:

बिहार के शहरों में इस दिशा में काम नहीं हुआ है. पटना में लगभग सभी जगहों पर पब्लिक टॉयलेट्स बनाए जरूर गए हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है. वहीं, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में पटना में अब तक नहीं के बराबर प्रगति हुई है. ऐसे में रैंकिंग में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है.

पटना नगर निगम में जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार के मुताबिक, लोगों का फीडबैक भी स्वच्छता रैंकिंग में एक महत्वपूर्ण कारक है. पिछली बार की तरह इस बार भी 1969 नंबर जारी किया गया है, जहां लोग अपनी राय रख सकते हैं. पिछले महीने सिटी प्रोफाइल अपलोड किया गया है और रैंकिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है. वहीं, आम जनता भी मानती है कि बिहार को इसके लिए ईमानदारी से प्रयास करना होगा और जनता को भी जागरूक होना पड़ेगा.

अधिकारी इस बार रैंकिंग में सुधार होने का दावा कर रहे हैं. उम्मीद है कि इस बार पटना स्वच्छ 100 शहरों की लिस्ट में जगह बना पाएगा.

--Saloni Shrivastava, News Desk