स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है रेलवे, मैरवा स्टेशन पर जहां-तहां फैली रहती है गंदगी

बिहार के सीवान में स्वच्छ भारत अभियान को भारत सरकार का ही विभाग मुंह चिढ़ा रहा है. विकास और यात्री सुविधाओं के नाम पर तो रेलवे रोजाना नया चार्ज लगा रहा है.

स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है रेलवे, मैरवा स्टेशन पर जहां-तहां फैली रहती है गंदगी
मैरवा स्टेशन पर बदबू की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

सीवान: बिहार के सीवान में स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) को भारत सरकार का ही विभाग मुंह चिढ़ा रहा है. विकास और यात्री सुविधाओं के नाम पर तो रेलवे रोजाना नया चार्ज लगा रहा है. ट्रेनों और स्टेशनों की साफ-सफाई के लिए नए-नए वादे किए जा रहे हैं. लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल ही अलग है. मैरवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर फैली गंदगी और बदबू सरकारी साफ-सफाई के दावे की पोल खोल रही है.

प्लेटफार्म के पश्चिमी छोर पर फैली गंदगी और बदबू की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में भी गंदगी है. तमाम एक्सप्रेस ट्रेनों के डब्बे वहां पर खड़े होते हैं.

प्लेटफॉर्म पर फैली गंदगी के बीच रेल यात्री यात्रा करने के लिए मजबूर हैं. स्टेशन परिसर में बने फुटपाथ और अन्य जगहों पर गंदगी फैली है. गंदगी का आलम यह है कि यात्री बिना नाक पर रुमाल रखे खड़े भी नहीं हो सकते हैं. इतना ही नहीं, ट्रेन पकड़ने की जल्दीबाजी में कई यात्रियों के पैरों में भी गंदगी लग जाती है.

कई बार यात्रियों ने स्टेशन की शिकायत पुस्तिका में भी लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है. स्थानीय लोगों ने भी कई बार रेल प्रशासन से इसकी शिकायत भी की है.

मैरवा के बीजेपी के पूर्व नगर अध्यक्ष प्रभु गुप्ता का कहना है कि मैरवा एक करोड़ का मासिक राजस्व देने वाला रेलवे स्टेशन है. देवरिया और सीवान के बाद सर्वाधिक राजस्व रेल विभाग को यहीं से मिलता है. फिर भी यहां यात्री सुविधाओं का नितांत अभाव है. यात्रियों का प्लेटफ़ार्म पर फैली गंदगी और बदबू में खड़े होना बेहद ही शर्मनाक है. स्थानीय रेलकर्मियों का इस तरफ कोई भी ध्यान नहीं है.