झारखंड: उपराष्ट्रपति ने IIM के छात्रों को किया संबोधित, कहा- बेहतर विजन के साथ आगे आएं युवा

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि कानून का पालन हो, पारदर्शिता हो, जिम्मेदारी हो, प्रभावशाली व्यवस्था हो और भ्रष्टाचार न हो. तभी सुशासन परिलक्षित होगा.

झारखंड: उपराष्ट्रपति ने IIM के छात्रों को किया संबोधित, कहा- बेहतर विजन के साथ आगे आएं युवा
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आईआईएम के छात्रों को संबोधित किया. (तस्वीर साभार-पीआईबी)

रांची: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू रविवार को झारखंड के दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भारतीय प्रबंध संस्थान, रांची द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी सेंटर फॉर लीडरशिप, पॉलिसी एंड गवर्नेंस के तहत नेतृत्व क्षमता और सुशासन विषय पर आईआईएम के छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि नेतृत्व करने वाले में चरित्र, समर्पण, आचरण और क्षमता का होना बेहद जरूरी है. तभी नेतृत्व करने वाला अपनी जिम्मेदारियों के साथ सकारात्मक परिणाम समाज और देश को दे सकता है.

वेंकैया नायडू ने कहा कि लीडर का यह मतलब नहीं कि वह राजनीति से ही जुड़ा है बल्कि वह किसी भी क्षेत्र का हो सकता है. एक लीडर में जाति, समुदाय, नकदी और आपराधिकता नहीं होना चाहिए. वे इन सब चीजों को बढ़ावा देकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करते हैं.

शासन करने वाला जिम्मेदार होगा तो सुशासन होगा
उपराष्ट्रपति ने कहा कि कौटिल्य ने कहा था शासन करने वाला जिम्मेदार होगा तो सुशासन होगा. शासक को जनता का सेवक होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून का पालन हो, पारदर्शिता हो, जिम्मेदारी हो, प्रभावशाली व्यवस्था हो और भ्रष्टाचार न हो. तभी सुशासन परिलक्षित होगा. साथ ही लोगों की सेवा के भाव का विस्तारीकरण भी अहम है.

विकास के लिए जनभागीदारी जरूरी
वेंकैया नायडू ने कहा कि विकास कार्यों में जनभागीदारी होना चाहिए. देश की जनता में यह विश्वास होना जरूरी है कि देश के विकास में वे योगदान कर रहें हैं. साथ ही देश की जनता को लोकतंत्र पर विश्वास रखना चाहिए. उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप आपस में बात करें, किसी मुद्दे पर अपना मंतव्य दें. यही लोकतंत्र की खूबसूरती है. उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि कानून का उल्लंघन और संविधान का अनुसरण नहीं करना अशांति लाता है, जो विकास में बाधक बनता है. उन्होंने कहा कि विकास के लिए शांति का होना पहली शर्त है.

युवा बेहतर विजन के साथ आगे आएं
वेंकैया नायडू ने युवाओं को इंगित कर कहा कि भारत विश्वगुरु था, पूरी दुनिया के लोग यहां ज्ञान अर्जित करने आते थे. यहां की आबो हवा अद्भुत है. उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी में हम आगे निकले हैं. देश के युवा बेहतर विजन, अपने स्वाभिमान के साथ आगे आएं और देश का मान ऊंचा करने में भागीदारी निभाएं. साथ ही युवा समेत देश के सभी लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी होगी.

सुशासन बेहतर सरकार की पहचान
वहीं, राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज का दिन अविस्मरणीय रहेगा. आईआईएम द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा. उन्होंने कहा कि सुशासन बेहतर सरकार की पहचान है. सुशसान से निर्णय लेने की क्षमता, भ्रष्टाचार का खात्मा होता है. साथ ही विकास दिखाई देता है. द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि नीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम लोगों का कल्याण हो सके. राष्ट्रपिता ने भी रामराज की कल्पना की थी. जहां सिर्फ सुशसान हो.