रजरप्पा मंदिर में आस्‍था के नाम पर युवक ने चढ़ाई खुद की बलि

देश के प्रसिद्ध व झारखंड के एकलौते सिद्धपीठ रामगढ़ स्थित रजरप्पा मंदिर में हाल के दिनों में आस्था के नाम पर अजीबोगरीब घटनाएं सामने आई। बीते 31 जनवरी को बिहार से आए एक श्रद्धालु युवक ने चाकू से अपनी गर्दन काट कर मां को बलि दे दी, तो बीते दिनों बिहार की एक महिला ने कटे हुए बकरे को अपनी मुंह और पीठ में टांगकर बलि स्थान की परिक्रमा की। माता को खुश करने के लिए रजरप्पा मंदिर में इस तरह की घटनाएं बेहद चौंकाने वाली हैं।

रांची : देश के प्रसिद्ध व झारखंड के एकलौते सिद्धपीठ रामगढ़ स्थित रजरप्पा मंदिर में हाल के दिनों में आस्था के नाम पर अजीबोगरीब घटनाएं सामने आई। बीते 31 जनवरी को बिहार से आए एक श्रद्धालु युवक ने चाकू से अपनी गर्दन काट कर मां को बलि दे दी, तो बीते दिनों बिहार की एक महिला ने कटे हुए बकरे को अपनी मुंह और पीठ में टांगकर बलि स्थान की परिक्रमा की। माता को खुश करने के लिए रजरप्पा मंदिर में इस तरह की घटनाएं बेहद चौंकाने वाली हैं।

मां छिन्नाम्स्तिके रजरप्पा मंदिर में इन दिनों एक से एक भक्तों के कारनामे देखने को मिल रहे हैं। कोई भक्त मां को खुश करने के लिए अपनी जान दे रहा है तो कोई बकरे की बलि दे रहा है। बिहार से आई महिला बकरे की बलि देकर बकरे को अपने मुंह में लेती है, दूसरा बकरे को पीठ पर लादकर बलि स्थान का परिक्रमा करती है। इस प्रकार वह महिला दो तीन मिनट तक बलि स्थान का परिक्रमा करती रहती है। वह अपने मुंह से रक्त भी पी जाती है। दो बकरा और और बकरे की गर्दन टांगकर मां को खुश करती महिला को देखकर रजरप्पा में चर्चा का विषय बन गया है।

जनवरी के अंत में संजय नामक सीआरपीएफ का एक जवान मंदिर में पूजा करता है। बाहर निकलने के बाद मंदिर के बाहर परिक्रमा कर बलि स्थान का 10 मिनट तक परिक्रमा करता है। कुछ देर बाद वह चाकू से अपनी गर्दन को काट देता है और मां को खुश करने के लिए खुद की बलि दे देता है। इस प्रकार एक माह के अंदर दूसरी बार अंधविश्वास की घटना देखी जा रही है।

इस तरह की घटनाओं के बाद मंदिर के साथ-साथ इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों का यही कहना था कि आखिर इस युवक ने मां के दरबार में क्यों अपनी बलि चढ़ा दी। मंदिर में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का ये भी कहना है कि पिछले चार-पांच दिनों से ये युवक इलाके के आसपास घूम रहा था।