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ओवैसी-बीजेपी मिलकर देश में कराना चाहते हैं दंगा: राज ठाकरे

मुंबई के विक्रोली में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में राज ठाकरे ने कहा कि उन्हें दिल्ली से पता चला है कि ओवैसी और बीजेपी के बीच दंगा भड़काने की डील हुई है. 

ओवैसी-बीजेपी मिलकर देश में कराना चाहते हैं दंगा: राज ठाकरे
मनसे प्रमुख राज ठाकरे.

मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर को लेकर केंद्र सरकार और असदुद्दीन ओवैसी के बीच सांठगांठ है. उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी और बीजेपी मिलकर राम मंदिर के मुद्दे पर देश में दंगा कराना चाहती है. मुंबई के विक्रोली में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में राज ठाकरे ने कहा कि उन्हें दिल्ली से पता चला है कि ओवैसी और बीजेपी के बीच दंगा भड़काने की डील हुई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास अपना काम दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है, इसलिए वह अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले दंगे का सहारा ले सकती है.

मालूम हो कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव प्रचार में बीजेपी और ओवैसी बंधुओं की ओर से एक-दूसरे पर कई जुबानी हमले किए गए हैं. राज ठाकरे ने कहा कि ओवैसी और बीजेपी के पक्ष से आ रहे बयानों पर गौर किया जाए तो साफ संकेत मिलते हैं कि देश में दंगा भड़काने की तैयारी है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से अयोध्या के विवादित स्थल पर सुनवाई टालने के बाद से राम मंदिर का मुद्दा गर्माया हुआ है. शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद और साधू-संत लगातार राम मंदिर को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं.

हिंदी भाषा का अपमान करने के लिए राज ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज
मालूम हो कि राज ठाकरे विवादित बयान देने के लिए जाने जाते हैं. हिंदी भाषा का कथित तौर पर अपमान करने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ यहां सोमवार को मामला दर्ज किया गया. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) आरती कुमारी सिंह की अदालत में सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने मामला दर्ज कराया जिसने सुनवाई की अगली तारीख 12 दिसम्बर तय की है. शिकायतकर्ता विभिन्न समाचार चैनलों पर चली इन खबरों से दुखी हैं जिनमें ठाकरे ने कथित तौर पर कहा कि हिंदी देश की राष्ट्रीय भाषा नहीं है और इस भाषा का अपमान किया. शिकायतकर्ता ने कहा कि ठाकरे के बयान से न केवल मैं बल्कि अन्य सभी हिंदी प्रेमी भी आहत हुए. उन्होंने कहा कि यह पूरे देश का अपमान है.

‘मनसे प्रमुख का बाहरी लोगों के खिलाफ रुख अब भी कायम’
विभिन्न पार्टियों के उत्तर भारतीय नेताओं का मानना है कि उत्तर प्रदेश और बिहार से मुंबई आने वाले लोगों पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणियों से यह संकेत मिलता है कि उन्होंने ‘मराठी मानुष’ वाला अपना कट्टर एजेंडा छोड़ा नहीं है. गौरतलब है कि रविवार को उत्तर भारतीयों की एक रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा था कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को अपने राज्यों के पिछड़ेपन के लिए वहां (अपने गृह राज्यों) के नेताओं से सवाल करने चाहिए.

मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह ने कहा कि बाहरी लोगों के खिलाफ ठाकरे का ‘दमनकारी रुख’ नहीं बदला है जबकि उन्होंने भाषण हिन्दी में दिया. मुंबई भाजपा महासचिव अमरजीत मिश्रा ने कहा कि मनसे प्रमुख को राजनीति छोड़ देनी चाहिए क्योंकि वह ‘महाराष्ट्र और इसकी जनता को समझने में नाकाम रहे हैं.’