CM योगी को एक फोन कॉल की वजह से MLA की गिरफ्तारी के निर्णय को बदलना पड़ा, BJP नेता का दावा

राज्‍य में बीजेपी के एक वरिष्‍ठ नेता और पूर्व राज्‍य मंत्री आईपी सिंह ने योगी सरकार का बचाव करते हुए कहा है कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने तो कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने का निर्णय कर लिया था लेकिन अचानक एक बड़े व्‍यक्ति के हस्‍तक्षेप के कारण मामला लंबित हो गया.

CM योगी को एक फोन कॉल की वजह से MLA की गिरफ्तारी के निर्णय को बदलना पड़ा, BJP नेता का दावा
बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर है रेप का आरोप. (फाइल फोटो)

लखनऊ: उन्‍नाव गैंगरेप केस में बीजेपी के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और मामले को सीबीआई को सौंपे जाने के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. यहां तक कि गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्‍त लहजे में राज्‍य सरकार से पूछा कि कुलदीप सेंगर को कब गिरफ्तार किया जाएगा? इस बीच राज्‍य के बीजेपी के एक वरिष्‍ठ नेता और पूर्व राज्‍य मंत्री आईपी सिंह ने योगी सरकार का बचाव करते हुए कहा है कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने तो कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने का निर्णय कर लिया था लेकिन अचानक एक बड़े व्‍यक्ति के हस्‍तक्षेप के कारण मामला लंबित हो गया. इसका खामियाजा पूरी पार्टी को भुगतना पड़ा.

उन्‍होंने ट्वीट किया, ''कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार करने का फैसला पूज्‍यनीय योगीजी ने ले लिया था और सीएम ऑफिस में गिरफ्तारी होती. इसके साथ-साथ उन्‍नाव कप्‍तान को निलंबित करना महाराज जी ने तय कर लिया था लेकिन अचानक एक बड़े व्‍यक्ति के हस्‍तक्षेप से मामला लंबित हो गया जिसका खामियाया पूरी पार्टी ने भुगता.'' इसी तरह बुधवार शाम को खबर आई कि एक बीजेपी की मीडिया विंग की एक सदस्‍य दीप्ति भारद्वाज ने इस मसले से निपटने पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि यूपी को बचाइए. उस पर भी आईपी सिंह ने सवालिया निशान खड़ा करते हुए दीप्ति को बीजेपी की फर्जी प्रवक्‍ता कहा.

योगी सरकार के कामकाज से नाखुश हैं अमित शाह!
इसके साथ ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भले ही सार्वजनिक मंचों से यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ करते रहे हैं, लेकिन बुधवार को मामला इसके उलट दिखा. लखनऊ दौरे पर आए अमित शाह ने योगी सरकार के कामकाज पर नाराजगी जाहिर की. अमित शाह ने बुधवार को 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर राज्य के मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक की. सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में नाराजगी जाहिर की. बताया जा रहा है कि शाह ने यूपी के सांसदों और विधायकों को अल्टीमेटम दिया कि उनके खिलाफ क्षेत्र से जो भी शिकायतें मिल रही हैं, उन्हें दूर करें.

बीजेपी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के साथ बैठकर सरकार के कामकाज को ठीक करने की चेतावनी भी दी. उन्होंने सरकार और संगठन के प्रमुख लोगों से भी बात की. इस दौरान शाह के तेवर काफी सख्त थे. उन्होंने कुछ मंत्रियों के कामकाज पर भी नाराजगी जाहिर की. अमित शाह ने सीएम योगी समेत तमाम मंत्रियों से कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर जो भी सवाल उठ रहे हैं, उन्हें दूर किया जाए. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि वे जल्द सारी शिकायतों को दूर करें, वे 15 दिन बाद फिर से यूपी आएंगे, तब ये शिकायतें नहीं आनी चाहिए. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के चार दलित सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत की थी कि सीएम योगी उनकी बातें नहीं सुनते हैं. इसके बाद ही अमित शाह ने लखनऊ का दौरा करने का फैसला लिया था.

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