गोडसे वाले बयान पर साध्‍वी प्रज्ञा की संसद में सफाई, 'मेरे बयान को तोड़-मरोड़ा गया', सदन में हंगामा

Sadhvi Pragya : लोकसभा में सफाई देते हुए उन्‍होंने कहा कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. यह निंदनीय है. मैं सदन को यह ध्‍यान दिलाना चाहती हूं कि इसी सदन के सदस्‍य द्वारा मुझे सार्वजनिक रूप से आतंकवादी कहा गया.

गोडसे वाले बयान पर साध्‍वी प्रज्ञा की संसद में सफाई, 'मेरे बयान को तोड़-मरोड़ा गया', सदन में हंगामा

नई दिल्‍ली : भोपाल (Bhopal) से भाजपा (BJP) सांसद साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) ने दो दिन पहले संसद में गोडसे को लेकर दिए गए बयान पर आज संसद में आज सफ़ाई दी. लोकसभा में सफाई देते हुए उन्‍होंने कहा कि मेरे बयान से अगर किसी को ठेंस पहुंची हो तो खेद प्रकट कर क्षमा चाहती हूं, लेकिन मैं यह भी कहना चाहती हूं कि संसद में दिए गए मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. यह निंदनीय है. मैं सदन को यह ध्‍यान दिलाना चाहती हूं कि इसी सदन के एक सदस्‍य द्वारा मुझे सार्वजनिक रूप से आतंकवादी कहा गया. मेरे साथ तत्‍कालीन सरकार द्वारा रचे गए षडयंत्र के बावजूद अदालत में मेरे खिलाफ कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ. 

उन्‍होंने कहा कि बिना दोषी सिद्ध हुए मुझे आतंकी कहना अपराध है. यह एक महिला, सांसद और संन्‍यासी को अपमान करने का प्रयास है. तत्‍कालीन सरकार द्वारा मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना दी गई.

बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गोडसे वाले बयान पर साध्‍वी प्रज्ञा पर कड़ी टिप्‍पणी करते हुए उन्‍हें आतंकवादी तक कह दिया था. राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि आतंकवादी प्रज्ञा आतंकी गोडसे को देशभक्त कहती हैं. यह भारत की संसद के इतिहास में एक दुखद दिन है.

 

साध्‍वी प्रज्ञा के क्षमा मांगने के बावजूद विपक्ष ने सदन में हंगामा खड़ा कर दिया. साध्‍वी की तरफ से बिना नाम लिए राहुल गांधी द्वारा उन्‍हें आतंकवादी कहे जाने की बात सदन में रखे जाने की बात पर कांग्रेस की तरफ से जोरदार हंगामा किया जाने लगा. 

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि गांधी के हत्यारों की पूजा की जाती है तो हम चुप नहीं बैठ सकते हैं. इस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने हंगामा किए जाने पर कहा कि 'साध्‍वी प्रज्ञा ने अपने बयान के पहले ही वाक्‍य में माफ़ी मांगी है.. फिर ये व्यवहार ठीक नहीं है. उन्‍होंने यह भी कहा है कि गांधी के लिए श्रद्धा है. हमारे सदस्य को बिना आधार आतंकवादी कहा है. इसके लिए उन्‍हें माफी मांगनी चाहिए.'

गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मांग की कि प्रज्ञा ठाकुर को आतंकवादी कहने के मामले में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाना. ऐसा कहने वाले को मांफी मांगनी चाहिए.

इससे पहले साध्‍वी प्रज्ञा ने बीजेपी के कार्यकारी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्यमंत्री और बीजेपी महासचिव भूपेन्द्र यादव से संसद भवन में मुलाक़ात कर अपनी सफ़ाई दी. 

दरअसल, मध्य प्रदेश के भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर बीते बुधवार को एक बार फिर नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर विवादों में घिर गईं थीं. उन्होंने लोकसभा में बहस के दौरान गोडसे को देशभक्त बता दिया था. इस पर काफी हंगामा हुआ और लोकसभा की कार्यवाही से उनके बयान को हटा दिया गया. बुधवार को पेश हुए एसपीजी संशोधन बिल पर बहस चल रही थी. द्रमुक सांसद ए. राजा ने बहस के दौरान महात्मा गांधी की हत्या से जुड़े नाथूराम गोडसे के बयान का हवाला दिया था. यह सुनते ही भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर खड़ीं होकर चीख पड़ीं. उन्होंने गोडसे को देशभक्त बताते हुए ए राजा के बयान का विरोध किया. 

भाजपा सांसद की ओर से नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताए जाने के बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया। आखिरकार लोकसभा की कार्यवाही से इस बयान को हटाना पड़ा.

इससे बाद महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे पर दिए गए बयान की गुरुवार को भाजपा ने निंदा की थी और प्रज्ञा को उन्हें रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति से हटाने का निर्णय लिया. भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मीडिया से बातचीत में कहा था, "सांसद प्रज्ञा ठाकुर का बयान निंदनीय है और भाजपा ऐसे बयानों का और ऐसी विचारधारा का कत्तई समर्थन नहीं करती है."

(इनपुट- भूपेंद्र सोनी)