कालेधन पर बड़ा खुलासा: केंद्र सरकार ने विदेशी बैंक में खाताधारक तीन प्रमुख कारोबारियों के नाम बताए

केंद्र सरकार ने सोमवार को विदेशी बैंक में कालाधन रखने वालों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। केंद्र सरकार ने कालाधन मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया। जिसमें डाबर समूह से पूर्व में जुड़े रहे प्रदीप बर्मन समेत तीन प्रमुख कारोबारियों के नामों का खुलासा किया गया है।

कालेधन पर बड़ा खुलासा: केंद्र सरकार ने विदेशी बैंक में खाताधारक तीन प्रमुख कारोबारियों के नाम बताए
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ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

नई दिल्‍ली : केंद्र सरकार ने विदेशों में काला धन जमा करने वालों के खिलाफ अभियान के तहत डाबर समूह के एक प्रवर्तक प्रदीप बर्मन सहित दो प्रमुख व्यवसायियों तथा गोवा की एक खनिज कंपनी और उसके पांच निदेशकों के नामों की जानकारी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को दी।

कोर्ट में दाखिल 16 पेज के केंद्र के हलफनामे में राजकोट स्थित सर्राफा कारोबारी पंकज चिमनलाल लोढ़ीया और गोवा की कंपनी टिंब्लो प्रा लि तथा उसके पांच निदेशकों श्रीमती राधा एस टिंब्लो, चेतन टिंब्लो, रोहन टिंब्लो, श्रीमती अन्ना टिंब्लो और श्रीमती मल्लिका टिंब्लो के नामों का उल्लेख है।

फ्रांस सरकार से मिली सूचना के आधार पर बर्मन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की गई थी जबकि अन्य के मामले दूसरे देशों से मिली सूचना पर आधारित हैं जिनके नामों का जिक्र वित्त मंत्रालय के हलफनामे में नहीं था।

इन नामों का खुलासा करने के प्रति टालमटोल रवैया अपनाने के आरोप के साथ राजनीतिक प्रतिद्वन्द्वियों का निशाना बन रही सरकार ने इस हलफनामे में काला धन जमा करने वाले उन व्यक्तियों के नामों का और खुलासा करने का वायदा किया है जो उसकी जांच के दायरे में आए हैं लेकिन साथ ही उसने कहा है कि विदेशी बैंकों में सभी खातों को गैरकानूनी नहीं कहा जा सकता है।

कोर्ट में पहले दायर किए गए हलफनामे के बाद सरकार ने यह अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया है। पहले हलफनामे में सरकार ने कहा था कि विदेशी बैंकों में खाता धारकों के नामों का उस समय तक खुलासा नहीं किया जा सकता जब तक उनके खिलाफ कर चोरी के साक्ष्य नहीं हों और भारत में उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू नहीं की गई हो।

शीर्ष अदालत में नामों का खुलासा होने के तुरंत बाद ही डाबर इंडिया प्रमोटर परिवार बर्मन ने कहा कि इस खाते के बारे में सभी कानूनी औपचारिकतायें पूरी की गई हैं। डाबर के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह खाता उन्होंने (प्रदीप) ने उस वक्त खोला था जब वह प्रवासी भारतीय थे और उन्हें कानूनी रूप से यह खाता खोलने की अनुमति थी।

प्रवक्ता ने कहा, हमने सारे कानूनों का पालन किया है और इस खाते के बारे में आवश्यक सारी जानकारी स्वेच्छा से आयकर विभाग को दी गई है और देय कर का समुचित भुगतान किया गया है। लोढ़ीया ने स्विस बैंक में खाता होने से ही इनकार किया है। उन्होंने कहा है, हम पहले ही आयकर विभाग के समक्ष इसकी घोषणा कर चुके हैं और इसमें कुछ भी नहीं है। हमारा कोई भी स्विस खाता नहीं है और मैं सिर्फ यही कह सकता हूं। राधा टिंब्लो ने हलफनामे में उनके नाम का जिक्र होने पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस पर टिप्पणी करने से पहले वह इसका अध्ययन करेंगी।

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