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अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सेनाओं के बीच हुई 'सीमा कर्मी बैठक'

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेना की दाओ डिवीजन के ब्रिगेडियर रोबी कपूर ने किया जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ कर्नल शू हांग गांग ने किया.

अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सेनाओं के बीच हुई 'सीमा कर्मी बैठक'
एक रक्षा बयान के अनुसार, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की ओर किबिथू में यह बैठक हुई और प्रतिनिधिमंडलों में दोनों देशों के सैन्य अधिकारी थे. (फोटो साभार - ANI)

ईटानगर: भारत और चीन के बीच विश्वास कायम करने के उपायों और दोनों देशों की सेनाओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने के तौर पर शनिवार को 70वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीमा कर्मी बैठक (बीपीएम) हुई. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेना की दाओ डिवीजन के ब्रिगेडियर रोबी कपूर ने किया जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ कर्नल शू हांग गांग ने किया.

एक रक्षा बयान के अनुसार, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की ओर किबिथू में यह बैठक हुई और प्रतिनिधिमंडलों में दोनों देशों के सैन्य अधिकारी थे.

किबिथू-दमाई सीमा बैठक व्यवस्था की शुरुआत स्थानीय सीमा मुद्दों को सुलझाने के लिए विश्वास कायम करने के उपाय के तौर पर की गई और यह साल 2014 से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण रही हैं.

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीनी अधिकारियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि दोनों पक्षों की सेनाओं के एक साथ आने से परस्पर सहयोग बढ़ेगा. भारतीय सेना ने देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत को दिखाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए.

गणतंत्र दिवस के मौके पर असम राइफल्स और म्यांमार सेना के बीच अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर और मिजोरम समेत पूर्वोत्तर में नौ अलग-अलग स्थानों पर भारत-म्यांमा चौकी स्तर की बैठकें भी की. 

(इनपुट - भाषा)