तय राशि से 1 हजार करोड़ कम में पूरा हुआ दुनिया के सबसे ऊंचाई वाले 'अटल टनल' का काम

 राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी अटल टनल का बड़ा महत्व है. इससे लेह और मनाली के बीच की दूरी लगभग 46 कि.मी कम हो जाएगी....

तय राशि से 1 हजार करोड़ कम में पूरा हुआ दुनिया के सबसे ऊंचाई वाले 'अटल टनल' का काम
फोटो- पीआईबी वीडियो ग्रैब

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आज दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने मनाली को लेह से जोड़ने वाली अटल टनल (Atal Tunnel) का शुभारंभ किया. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज प्रधानमंत्री मोदी की देखरेख विश्व की सबसे ऊंची टनल बनाने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) को बधाई दी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस टनल को बनाने के लिए 4000 करोड़ से ज्यादा की धनराशि मुकर्रर की गई थी. लेकिन बीआरओ ने इसे 1000 करोड़ कम रुपयों में पूरा किया है.

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा, 'स्वर्गीय अटल जी आज से 17-18 वर्ष पहले जब लाहौल स्फिति की बर्फीली घाटियों में गए थे. वहीं पर जब यह बात उनके सामने यह बात रखी गई थी इस टनल के बनने से क्या क्या लाभ होंगे तो वहीं पर उन्होंने संकल्प लिया था कि रोहतांग टनल का काम शुरू होना चाहिए. वह रोहतांग टनल का लगभग पूरा हो चुका है अगस्त के महीने में ही लोगों का आवागमन का वहां से काम शुरू हो जाएगा. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी इस टनल का बड़ा महत्व है. इससे लेह और मनाली के बीच की दूरी लगभग 46 कि.मी कम हो जाएगी....

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....पीएम मोदी की देखरेख में जिस तरीके से यह टनल बनाया गया है. आपको जानकर खुशी होगी कि इस टनल का निर्माण बीआरओ ने किया है. 4000 करोड़ से अधिक की धनराशि इसके निर्माण के लिए मुकर्रर की गई थी. लेकिन बीआरओ ने इस काम को 1 हजार करोड़ कम ही बनाने में कामयाबी हासिल की है. 10 हजार फीट की ऊंचाई पर यह रोहतांग टनल बना हुआ है यह विश्व में सबसे अधिक ऊंचाई पर बना हुआ. आज के बाद यह अटल टनल के रूप में जाना जाएगा. यह देशवासियों की तरफ से अटल जी को विनम्र श्रद्धांजलि है.  

भूजल योजना का भी शुभारंभ हुआ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज पीएम मोदी द्वारा भूजल योजना के शुभारंभ के मौके पर कहा, 'आज प्रधानमंत्री जी द्वारा अटल भूजल योजना और जल शक्ति मिशन का शुभारंभ हुआ है. आप सभी जानते हैं जैसा कि जल शक्ति मंत्री शेखावत जी ने बताया. हमारी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा भूजल पर ही निर्भर रहता है. खासकर कृषि व्यवस्था का, भूजल प्रकृति के द्वारा दिया गया बहुत बड़ा वरदान है. हम सभी महसूस करते हैं कि भूजल का खूब दोहन हुआ है. लेकिन उसकी सस्टेनेबिलिटी को बनाए रखने के लिए जो प्रयास होने चाहिए थे वो नहीं हो पाए. लेकिन हमारे पीएम ने इस ओर ध्यान दिया है. पीएम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हमारे पीएम जी ने जो भी संकल्प लिया है वो हो कर रही है.'