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AN-32 विमान हादसे पर बोले वायुसेना प्रमुख, 'जांच कर सुनिश्चित करेंगे ऐसा फिर न हो'

वायुसेना प्रमुख धनोवा ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में, इलाके बेहद दुर्गम हैं और वहां अधिकतर बादल छाए रहते हैं. जब आप उस क्षेत्र में बादलों वाले ऐसे मौसम में उड़ान भरते हैं, तो वहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है.

AN-32 विमान हादसे पर बोले वायुसेना प्रमुख, 'जांच कर सुनिश्चित करेंगे ऐसा फिर न हो'
भारतीय वायुसेना का एंटोनोव एएन-32 विमान असम के जोरहाट से 3 जून को उड़ान के बाद लापता हो गया था.

हैदराबाद: वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने शनिवार को कहा कि भारतीय वायु सेना अरुणाचल प्रदेश में हाल में दुर्घटनाग्रस्त हुए एएन-32 विमान हादसे के कारणों का पता लगाकर यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे हादसे फिर नहीं हों. उनकी यह टिप्पणी अरुणाचल प्रदेश के दूर-दराज के इलाके में वायुसेना के विमान का मलबा मिलने के कुछ दिन बाद आई है. हादसे के वक्त विमान में 13 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई.

वायुसेना प्रमुख धनोवा ने हैदराबाद के पास डूंडीगल में वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड से इतर संवाददाताओं से कहा, “हमें फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर मिल गए हैं. हम इस बात की विस्तृत जांच करेंगे कि क्या हुआ और यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा दुबारा नहीं हो.” 

 

वह अरुणाचल प्रदेश में एएन-32 परिवहन विमान हादसे से संबंधित एक सवाल का जवाब दे रहे थे. उन्होंने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में, इलाके बेहद दुर्गम हैं और वहां अधिकतर बादल छाए रहते हैं. जब आप उस क्षेत्र में बादलों वाले ऐसे मौसम में उड़ान भरते हैं, तो वहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. रूसी मूल का यह विमान तीन जून की दोपहर असम के जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका के लिये उड़ान भरने के करीब 33 मिनट बाद लापता हो गया था. 

बता दें कि भारतीय वायुसेना का एंटोनोव एएन-32 विमान असम के जोरहाट से 3 जून को उड़ान के बाद लापता हो गया था. इस विमान में 13 क्रू मेंबर सवार थे. इस विमान से आखिरी बार दोपहर 1 बजे संपर्क हुआ था. इसके बाद से यह लापता हो गया था. वायुसेना के इस विमान ने असम के जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए दोपहर 12:25 बजे उड़ान भरी थी.