एससी/एसटी आरक्षण 10 साल के लिए बढ़ाया गया, 5 अन्य बिलों को कैबिनेट की हरी झंडी

इनमें सबसे अहम नागरिकता संशोधन बिल, एससी/एसटी को आरक्षण और सीनियर सिटीजन अमेंडमेंट बिल को मंजूरी दी गई. 

एससी/एसटी आरक्षण 10 साल के लिए बढ़ाया गया, 5 अन्य बिलों को कैबिनेट की हरी झंडी
फोटो-ani

नई दिल्ली: मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को 6 अहम बिलों को हरी झंडी दिखाई. इनमें सबसे अहम नागरिकता संशोधन बिल, एससी/एसटी को आरक्षण और सीनियर सिटीजन अमेंडमेंट बिल को मंजूरी दी गई. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी कि नागरिकता संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है और इसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा. 

उन्होंने कहा कि एससी-एसटी को जो आरक्षण मिलता है उसे हर 10 साल बाद बढ़ाना पढता है. इस बार भी सरकार ने एससी/एसटी आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है. आपको बता दें कि यह आरक्षण 2020 में खत्म हो रहा था जिसे 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. 

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जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट ने सिटिजन अमेंडमेंट बिल को भी मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि सीनियर सिटिजन को तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कैबिनेट ने सीनियर सिटीजन अमेंडमेंट बिल को हरी झंडी दिखा दी है. 

इसके अलावा तीन संस्कृत की डीम्ड यूनिवर्सिटी के एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की मंजूदी दी गई है. इसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा. इसके अलावा जम्मू और कश्मीर आरक्षण (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2019 को वापस लेने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दे दी है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैठक में व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 (Personal Data Protection Bill, 2019) को भी मंजूरी दी गई. संसद के वर्तमान सत्र में इस बिल को पेश किया जाएगा. 

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