दोपहर 1 बजे होगी मोदी कैबिनेट की बैठक, असम NRC मुद्दे पर हो सकती है चर्चा

लोकसभा में लगातार दो दिनों तक इसी मुद्दे पर हंगामा होने और फिर कार्रवाई स्थगित होने के बाद आज सरकार ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है. केंद्र सरकार की ओर से यह बैठक दोपहर 1 बजे बुलाई गई है. 

दोपहर 1 बजे होगी मोदी कैबिनेट की बैठक, असम NRC मुद्दे पर हो सकती है चर्चा
फाइल फोटो

नई दिल्ली : असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के मसौदे के बाद इन दिनों देश की राजनीति गर्माई हुई है. संसद में लगातार दो दिनों तक इसी मुद्दे पर हंगामा होने और फिर कार्रवाई स्थगित होने के बाद आज सरकार ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है. केंद्र सरकार की ओर से यह बैठक दोपहर 1 बजे बुलाई गई है. 

कयास लगाए जा रहे हैं कि आज होने वाली इस बैठक में एनआरसी लिस्ट से जिन 40 लाख लोगों को बाहर रखा गया है, उस पर चर्चा होगी. इसके अलावा लोकसभा में विपक्ष को कैसे शांत रखना है कि इस पर भी चर्चा होगी. इसके अलावा पश्चिम बंगाल में एनआरसी की आवश्यकता है या नहीं इस पर भी चर्चा होगी. वहीं, सूत्रों के हवाले खबर मिल रही है कि इस बैठक में असम के अलावा महाराष्ट्र में हो रहे मराठा आंदोलन समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

किसानों के मुद्दे पर होगी चर्चा
माना जा रहा है कि आज होने वाली इस बैठक में किसानों को राहत देने के लिए किसी खास योजना के बारे में चर्चा की जा सकती है. सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में यूपी समेत उत्तर भारत के राज्यों के किसानों की समस्या पर चर्चा हो सकती है. इसके साथ मॉनसून सत्र के दौरान जिन विधेयक को लोकसभा में सरकार पास ना करवा सकी, इस मुद्दे पर भी चर्चा की जा सकती है. 

असम के 40 लाख लोगों पर चर्चा
उल्लेखनीय है कि, असम में एनआरसी की लिस्ट आने के बाद सरकार की ओर से आए आधिकारिक बयान में कहा गया था कि 40 लाख लोगों को इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है. सरकार का तर्क है कि जिनके नाम शामिल नहीं किए गए हैं, वे घुसपैठिए हैं, उनके पास भारत की नागरिकता नहीं है. लेकिन इस रजिस्टर में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शामिल नहीं हैं, जिनके पुरखे भारत के निवासी रहे हैं. इनमें पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के रिश्तेदार भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि आज होने वाली बैठक में एनआरसी सबसे अहम मुद्दा रहा है. 

 

पिछली बैठक में किसानों को मिली थी राहत
संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले हुई कैबिनेट की बैठक में गन्ना किसानों को बड़ी राहत दी गई थी. किसानों के लिए करीब 8000 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी मिल गई थी.