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भारत-बांग्लादेश के बीच मानव तस्करी के खिलाफ करार को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढाका यात्रा से पहले केन्द्रीय कैबिनेट ने दोनों देशों के बीच एक करार को शनिवार को मंजूरी दी जिसमें मानव तस्करी को रोकने एवं पीड़ितों को उनके परिवारों से मिलाने के उपाय होंगे।

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढाका यात्रा से पहले केन्द्रीय कैबिनेट ने दोनों देशों के बीच एक करार को शनिवार को मंजूरी दी जिसमें मानव तस्करी को रोकने एवं पीड़ितों को उनके परिवारों से मिलाने के उपाय होंगे।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मानव तस्करी रोकने विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी को रोकने, उनका बचाव करने एवं रिहा कराने, उनको वापस उनके देश में भेजने और पीड़ितों को उनके परिवारों से मिलाने संबंधित सहमति करार पर हस्ताक्षर किये जाने को मंजूरी दी गयी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सहमति करार से सभी प्रकार की मानव तस्करी विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी को रोकने तथा तस्करों एवं दोनों पड़ोसी देशों में संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ जल्द जांच एवं अभियोजन में मदद मिलेगी।

इस करार से पीड़ितों को उनके देशों में यथा शीघ्र लौटाया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। लौटाये जाने के बाद उनके देश की सरकार पीड़ितों को उनके परिवार से मिलवायेगी।

कैबिनेट बैठक के बाद दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं को बताया, ‘मानव तस्करी एक बड़ी समस्या के रूप में उभरी है। सहमति करार मानव तस्वकरी को रोकने की दिशा में एक प्रयास है।’ भारत एवं बांग्लादेश के बीच एक कार्य बल गठित किया गया था जो व्यक्तियों, दलालों एवं विभिन्न समूहों के बीच होने वाली बैठक के खिलाफ समन्वित प्रयास करेगा। इस कार्य बल की चार बार बैठक हो चुकी है।

बयान के अनुसार इस कार्य बल की चौथी बैठक पिछले साल 6 एवं 7 अप्रैल को मुंबई में हुई। उसमें मानव तस्करी को रोकने संबंधित सहमति करार के मसौदे को दोनों पक्षों ने अंतिम रूप दिया।