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Facebook डाटा लीक : अपने क्लाइंट के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल करती है कैंब्रिज एनालिटिका

कैंब्रिज एनालिटिका के अधिकारी ने स्वीकार किया कि वे अपने क्लाइंट के पक्ष में माहौल तैयार करने के लिए विपक्ष की छवि धूमिल करने का भी काम करते हैं. 

Facebook डाटा लीक : अपने क्लाइंट के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल करती है कैंब्रिज एनालिटिका
ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका पर सोशल मीडिया से डाटा चुराने का आरोप है

नई दिल्ली : फेसबुक डाटा लीक मामले में रोजना नए खुलासे हो रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप के लिए कैंपेनिंग करने वाली कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी पर फेसबुक के 5 करोड़ डाटा चोरी करने का आरोप है. इस मामले ने भारत समेत कई देशों की राजनीति में भूचाल खड़ा कर दिया है. भारत में तो राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. वहीं इस मामले में एक और खुलासा हुआ है कि कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी चुनावों में अपने क्लाइंट के पक्ष में माहौल खड़ा करने के लिए किसी भी हद तक जाकर हर हथकंडे इस्तेमाल करती रही है. यह खुलासा ब्रिटिश टीवी चैनल 4 के एक स्टिंग में हुआ है.

चैनल 4 का स्टिंग
ब्रिटिश टीवी चैनल 4 ने कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी के दो अधिकारियों का स्टिंग ऑपरेशन कर कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं. इस स्टिंग से साफ पता चलता है कि कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी अपने क्लाइंट के लिए डाटा इकट्ठा करने से लेकर पार्टी का घोषणा पत्र तैयार करने, भाषण लिखने, सर्वे करने का भी काम करते हैं. इतना ही नहीं अपने क्लाइंट के पक्ष में माहौल खड़ा करने के लिए विरोधी दल की छवि खराब करने के भी हर हथकंडे भी यह कंपनी इस्तेमाल करती है.

चैनल 4 के दो रिपोर्टर क्लाइंट बनकर एनालिटिका कंपनी के दो अफसरों से मिलते हैं और कंपनी के पूरे कामकाज को अपने कैमरों में कैद करते हैं. बताया जा रहा है कि रिपोटर्स का यह स्टिंग पूरे चार महीने चला था. एक क्लिप में रिपोर्टर चुनावी कैंपेनिंग के बारे में सवाल पूछता है तो कंपनी के एक अधिकारी बताते हैं कि वे चुनावी कैंपेनिंग में किसी भी हद तक जा सकते हैं. 

विपक्ष की छवि धूमिल की जाती है
स्टिंग में कैंब्रिज एनालिटिका के अधिकारी चुनावी अभियान की कार्यप्रणाली पर खुलकर बात करते हुए बताते हैं कि वे अपने क्लाइंट के पक्ष में माहौल तैयार करने के लिए विपक्ष की छवि धूमिल करने का भी काम करते हैं और इस काम में वे किसी भी हद तक चले जाते हैं. सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें भी फैलाई जाती हैं. अधिकारी बताते हैं कि पहले तो सोशल मीडिया के जरिए विपक्षी नेताओं की गोपनीय जानकारी जुटाई जाती है. 

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लालच दिया जाता है नेताओं को
नेताओं को तमाम तरह के लालच दिए जाते हैं. उन्हें मोटी रकम दी जाती है या फिर महंगी प्रॉपर्टी का लालच दिया जाता है. विपक्षी नेताओं को फंसाने के लिए शराब से लेकर शबाब तक का लालच दिया जाता है. कैंब्रिज एनालिटिका के अधिकारी बताते हैं कि वे इस काम के लिए विरोधी नेताओं के पास लड़कियां तक भेजते हैं और उनके अंतरंग पलों को कैद करके समाज में उनकी छवि धूमिल की जाती है. अधिकारी बताते हैं कि नेताओं के पास यूक्रैन या श्रीलंका की लड़कियां भेजी जाती हैं, ताकि नेताओं को मामला लीक होने का डर ना रहे. कंपनी ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका, भारत, चीन सहित कई देशों के कई चुनावों में अपने क्लाइंट के पक्ष में प्रचार किया है. 

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केंब्रिज एनालिटिका विवाद
ब्रिटेन की गूगल डाटा एनालेटिक्स कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका पर सोशल मीडिया से लोगों की निजी जानकारी चुराने का आरोप है. कैंब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक के 5 करोड़ खातों से डाटा चुराकर उसका इस्तेमाल अमेरिकी चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में किया था. आरोप है कि डाटा मैन्यूपुलेशन ट्रिक्स की मदद से कंपनी ने लोगों का डाटा चुराकर की देशों के चुनावों में इस्तेमाल किया था. इन देशों में भारत का नाम भी शामिल है.