आलोक वर्मा के बाद ऋषि कुमार शुक्ला दूसरे डायरेक्‍टर, जिन्‍होंने CBI में काम नहीं किया

ऋषि‍ कुमार शुक्‍ला और आलाेक वर्मा के मामले में एक समानता है. दोनों ने न‍ियुक्‍त‍ि से पहले कभी भी सीबीआई में अपनी सेवाएं नहीं दीं.

आलोक वर्मा के बाद ऋषि कुमार शुक्ला दूसरे डायरेक्‍टर, जिन्‍होंने CBI में काम नहीं किया
ऋष‍ि कुमार शुक्‍ला 1983 बैच के आईपीएस अध‍िकारी हैं.

नई दिल्‍ली: हाई पार्वड कमेटी ने नए सीबीआई डायरेक्टर का चयन कर लिया है. मध्य प्रदेश कैडर के 1983 बैच के ऋषि कुमार शुक्ला को नया सीबीआई डायरेक्टर चुना गया है. ऋषि कुमार शुक्ला इससे पहले डीजीपी मध्य प्रदेश पुलिस थे, लेकिन नयी सरकार आते ही उनका तबादला पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में कर दिया गया था.

केन्द्र में वह दो बार तैनात रहे हैं. पहली बार अक्‍टूबर 1992 से दिसंबर 1996 और दूसरी बार मई 2000 से अप्रैल 2005. लेक‍िन ऋषि‍ कुमार शुक्‍ला और आलाेक वर्मा के मामले में एक समानता है. दोनों ने न‍ियुक्‍त‍ि से पहले कभी भी सीबीआई में अपनी सेवाएं नहीं दीं.

आलोक कुमार वर्मा के बाद वह लगातार दूसरे अफसर हैं, जो बिना सीबीआई में काम किये सीबीआई डायरेक्टर के पद तक पहुंचे है. विनित नारायण केस में सुप्रीम कोर्ट फैसले के मुताबिक सीबीआई डायरेक्टर पद पर तैनाती के लिये सीन‍ियरटी, बेदाग सर्विस रिकार्ड और एंटी करप्शन (स्टेट विजिलेंस, सीबीआई, एंटीकरप्शन) में काम किया होना चाहिए. आलोक वर्मा केवल कुछ दिनों के लिये दिल्ली पुलिस में स्पेशल सीपी विजिलेंस के पद पर रहे थे, लेकिन ऋषि कुमार शुक्ला तो मध्य प्रदेश में एक भी दिन विजिलेंस में नहीं रहे.

इस बात पर खड़गे ने जताई थी आपत्‍त‍ि
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसी बात पर ऋषि कुमार शुक्ला के चयन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने जिन नामों पर अपनी सहमति दी थी वो सभी इससे पहले सीबीआई में काम कर चुके हैं. आलोक कुमार वर्मा और ऋषि कुमार शुक्ला से पहले जितने भी डायरेक्टर सीबीआई रहे हैं, वो भी डायरेक्टर पद पर पहुंचने से पहले सीबीआई में काम कर चुके हैं.

आलोक वर्मा और राकेश अस्‍थाना के बीच झगड़े की जड़ भी यही...
आलोक कुमार वर्मा और राकेश अस्थाना में झगड़े की जड़ में आलोक कुमार वर्मा का सीबीआई में पहले काम ना करने का तजुर्बा भी एक बड़ी वजह था. राकेश अस्थाना पहले सीबीआई में विभिन्न पदों पर रह चुके थे और उन्हे एजेंसी में काम करने का तजुर्बा भी था, लेकिन आलोक कुमार वर्मा पहले कभी सीबीआई में नहीं रहे और जिसका खामियाजा उन्हे भुगतना पड़ा.